
सिक्योरिटी इनोवेशन और इन्फ्रा स्ट्रक्चर को किया दोगुना
जयपुर। सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण इनोवेशन और देश में असुरक्षा से निपटने के लिए सिसको ने बुनियादी ढांचे में निवेश की घोषणा की, ताकि संगठनों को अधिक लचीला बनने और हाइब्रिड दुनिया में साइबर सुरक्षा जोखिमों से निपटने में मदद मिल सके। साइबर सुरक्षा में वैश्विक अग्रणी कंपनी भारत में हाइब्रिड और मल्टी-क्लाउड वातावरण के लिए प्रोटेक्शन पोर्टफोलियो में नई जोखिम-आधारित क्षमताओं की शुरुआत कर रही है।
सिसको ने अपने डुओ रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन के लिए कई नए फीचर्स लॉन्च करने की घोषणा की। ये फैसिलिटी रिमेम्बर्ड डिवाइस और विश्वसनीय स्थितियों में कम वैरिफिकेशन के लिए वाई-फाई फिंगरप्रिंट, फिशिंग हमलों से बचाने के लिए वैरिफाइड पुश और विस्तारित एसएसओ क्षमताओं सहित सुरक्षा मुद्दों पर केंद्रित हैं, जो यूजर्स को उनके पासवर्ड समाप्त होने से पहले सूचित करने और उन्हें रीसेट करने की अनुमति देती हैं।
सिसको इंडिया और एसएएआरसी की प्रेसिडेंट डेजी चित्तिलापिल्लई ने कहा, 'दुनिया तेजी से हाइब्रिड होती जा रही है और संगठनों को जल्दी से अनुकूल करना होगा। उनकी सफलता काफी हद तक साइबर सुरक्षा जोखिमों से निपटने की उनकी क्षमता पर निर्भर करती है। सिसको इंडिया और एसएएआरसी में प्रोटेक्शन डायरेक्टर समीर मिश्रा ने कहा 'साइबर सुरक्षा हर दिन अधिक जटिल होती जा रही है क्योंकि व्यवसाय तेजी से क्लाउड पर जा रहे हैं।
Updated on:
21 Mar 2023 01:06 am
Published on:
21 Mar 2023 01:06 am
