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मोटे अनाज को लेकर सेमीनार व् एग्रो प्रोसेसिंग पर कॉन्क्लेव

राज्य में मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने के लिए मिलेट्स पोषण महत्व पर राज्य स्तरीय सेमीनार व् एग्रो प्रोसेसिंग पर कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा।

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जयपुर

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Rahul Singh

Feb 04, 2023

राज्य में मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने के लिए मिलेट्स पोषण महत्व पर राज्य स्तरीय सेमीनार व् एग्रो प्रोसेसिंग पर कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। मुख्य सचिव उषा शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तहत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर आयोजित बैठक में ये जानकारी दी गई। बैठक में तय हुआ कि इसमें मिलेटस उत्पादक, कृषि व्यवसायी ,स्टार्टअप, स्वयं सेवी संस्थाएं , कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी संवाद कर ठोस रणनीति तैयार करेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर सेमीनार और ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामसभाओं का आयोजन तथा स्कूलों में व्याख्यान भी आयोजित करेंगे

मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि पोषक अनाज अच्छी सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हमें इन्हें शामिल करना चाहिए। शर्मा सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तहत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पोषक अनाज के फायदे और उनके गुणों के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करें। बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि राजस्थान में मिलेट्स के तहत बाजरा और ज्वार प्रमुख फसलें हैं। बाजरा उत्पादन में राजस्थान का देश भर में प्रथम और ज्वार उत्पादन में तीसरा स्थान है तथा राज्य के दक्षिणी जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सावां,कांगनी, कोदों, कुटकी इत्यादि मिलेट्स की भी खेती होती हैै।

उन्होंने बताया कि ज्वार और बाजरा मिलेट्स की खेती के लिए राज्य में बेहद अनुकूल जलवायु है,इनकी खेती के लिए पानी की कम आवश्यकता होती है तथा कीट एवं बीमारियों के प्रकोप से भी ये फसलें कम प्रभावित होती हैं। दिनेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2022—23 के बजट में राजस्थान मिलेटस मिशन की घोषणा की गई। खरीफ 2022 में बाजरा बीज के 8.32 लाख मिनी किट निःशुल्क वितरित किए गए। वहीं 5 करोड़ रूपए की लागत से मिलेटस उत्कृष्टता केंद्र जोधपुर में स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही 100 प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


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