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इनके बनाए कीर्तिमान आज भी है कायम

आज भी ये 6.10 मीटर तक कूदने वाले एकमात्र एथलीट बने हुए हैं। इन्होंने 45 बार 6.6 मीटर की ऊंचाई पर विजय प्राप्त की। यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि विश्व के महानतम एथलीट सर्गेई बुबका हैं।

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इनके बनाए कीर्तिमान आज भी है कायम

इनके बनाए कीर्तिमान आज भी है कायम

इनका जन्म 1963 में यूक्रेन की लुगांस्क शहर में हुआ था। खेलों में इनकी रुचि बचपन से ही थी। हालांकि माता-पिता चाहते थे कि बेटे खेले में कॅरियर बनाने के बजाय पढ़-लिखकर कुछ बने लेकिन इनके बड़े बेटे ने एथलीट के रूप में कॅरियर का चुनाव किया। इस तरह भाई के साथ इनमें भी खेलों के प्रति पैशन बढ़ता जा रहा था। इनके पसंदीदा खेलों में स्ट्रीट हॉकी और फुटबॉल था। ये लॉन्ग जम्प और 100 मीटर के रेस में ट्रैक-एंड फील्ड एथलीट के रूप में उभर रहे थे। अपने खेल कॅरियर की शुरुआत आईस हॉकी खिलाड़ी के रूप में की। बड़े भाई के अंतरराष्ट्रीय पोल वॉल्टिंग में काम कमाने के कारण इनकी भी इस खेल में रुचि बढ़ी। नौ साल की उम्र में इन्होंने पोल वॉल्टिंग को अपनाया। जब टे्रनिंग के लिए कोच के पास गए तो कोच ने यह कहकर मना कर दिया कि उम्र कम है। खेल के प्रति इनकी लगन को देखते हुए ग्यारह साल की उम्र में ही कोच ने इन्हें ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया था।
एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाते गए
खेलों में इनके प्रदर्शन से हर कोई अचंभित था। 1985 में नया कीर्तिमान बनाते हुए इन्होंने 6 मीटर ऊंची कूद लगाई। इसके बाद 1991 में सैन सेबेस्टियन में यह 10 मीटर दूरी पर पहुंचने वाले पहले एथलीट बने। इनके रिकॉर्ड को कोई तोड़ नहीं पा रहा था, बल्कि ये स्वयं ही नए-नए रिकॉर्ड बनाते जा रहे थे। इस तरह अगले 10 वर्षों तक इनके रिकॉर्ड में सुधार होता रहा। आज भी ये 6.10 मीटर तक कूदने वाले एकमात्र एथलीट बने हुए हैं। इन्होंने 45 बार 6.6 मीटर की ऊंचाई पर विजय प्राप्त की। यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि विश्व के महानतम एथलीट सर्गेई बुबका हैं। सर्गेई बुबका ने अपने कॅरियर में कुल 35 बार पोल वॉल्टिंग का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। वर्ष 2001 में आईएएएफ परिषद का सदस्य चुना गया। 2011 में उन्हेें चार साल के कार्यकाल के लिए इस संगठन का उपाध्यक्ष चुना गया। वर्ष 2012 ये उन 24 एथलिट में शामिल थे, जिन्हें आईएएफ के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था।