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कहां गईं जयपुर से तिल का तेल निकालने वाली तीन सौ ढाणीयां…

कहां गईं जयपुर से तिल का तेल निकालने वाली तीन सौ ढाणीयां...

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जयपुर

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Rajesh

Jun 26, 2018

Sesame oil Traditional work

Sesame oil Traditional work

जयपुर

आंखों पर पट्टी बंधे बैल का कोल्हू को लगातार चलाना और तिलों में से तेल का निकलना, यह नजारा बीते दौर में शहर में आसानी से देखा जा सकता था लेकिन आज यह लगभग लुप्त हो चुका है । गुजरे जमाने में जयपुर में घोड़ा निकास रोड, तेलीपाड़ा, बगरू वालों का रास्ता, घाटगेट सहित अन्य इलाकों में लगभग तीन सौ तिल का तेल निकालने की पारम्परिक ढाणीयां हुआ करती थीं। लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया हर चीज में आधुनिकता आती गई और इन ढाणियों की जगह भी वर्तमान में मशीनों ने ले ली है। पूर्व में तिलों का तेल निकाल कर काफी लोग इसका व्यवसाय करते थे। लेकिन इस तेल का चलन खत्म होने के कारण ये लोग भी अन्य काम-धंधों की ओर आकर्षित हो गए हैं।

ऐसे निकालते थे तेल

बेलों से चलने वाले कोल्हू के माध्यम से तेल निकालने की यह प्रक्रिया सदियों पुरानी है । इसमें बेल को कोल्हू में जोत दिया जाता था और एक निश्चित जगह में बेल घूमा करता था। बेल से लकड़ी का एक मोटा तना बंधा होता था , जिसके घूमने पर तिलों पर प्रेशर पड़ता और उनमें से तेल बाहर निकलता और नीचे बनी होदी में जमा होता जाता। साथ ही तिल का भूसा ( खल ) बाहर निकाल लिया जाता था। यह भूसा पशुओं को खिलाने के काम आता। कोल्हू चलने के दौरान बेल की आंखों पर कपड़े की पट्टी बांधी जाती थी ताकि उसे गोल घूमने पर चक्कर ना आ जाए। कपड़े के कारण बेल को सीधा सड़क पर चलने का एहसास होता था ।

यूं कम होता गया चलन

पूर्व में खाद्य तेल के रूप में अमूमन तिल के तेल का उपयोग किया जाता था। लेकिन बाद में धीरे-धीरे मूंगफली और सोयाबीन के तेल का चलन होने लगा। दूसरी और अधिक मेहनत और लागत के कारण तिल की ढाणियों में तेल निकालने का काम भी कम होने लगा । बढ़ती आबादी और जगह की कमी के कारण ढाणियों की जगह सिकुड़ती गई और घरों में बेल रखना भी मुश्किल होने लगा। नतीजतन तिलों से तेल निकालने की ये ढानियां लुप्त हो गईं।

स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

तिलों का तेल सोयाबीन और मूंगफली के तेलों की तुलना में काफी लाभदायक माना जाता है । त्वचा संबंधी , दांत संबंधी और हड्डी संबन्धी रोगों में यह काफी फायदेमंद साबित होता है। साथ ही बालों की बीमारियों के लिए यह विशेषकर इस तेल का इस्तेमाल किया जाता है ।