
Gp Capt Shaliza Dhami
Shaliza Dhami First Woman IAF Officer to Command Frontline Combat Unit of india pakistan border : भारतीय वायुसेना ने महिला दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी को पश्चिमी सेक्टर की फ्रंटलाइन कॉम्बैट यूनिट की कमान संभालने के लिए चुना है। वायुसेना के इतिहास में पहली बार महिला अधिकारी को अग्रिम मोर्चे की लड़ाकू इकाई की कमान सौंपी है। पश्चिमी सेक्टर भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में आता है। वायुसेना में ग्रुप कैप्टन का पद कर्नल के बराबर होता है।
वायुसेना में 2003 में शामिल हुईं शालिजा फिलहाल वायुसेना के फ्रंटलाइन कमांड मुख्यालय की ऑपरेशन शाखा में कार्यरत हैं। वह पहली महिला अधिकारी हैं, जिनके पास फ्लाइंग ब्रांच का स्थायी कमीशन है। वह चेतक और चीता हेलिकॉप्टर्स उड़ाती रही हैं। उन्हें 2800 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। तीनों सेनाओं में 9,118 महिलाएं हैं। इनमें से 1,607 वायुसेना में सेवारत हैं।
लुधियाना के शहीद करतार सिंह सराभा गांव की शालिजा धामी को सितंबर 2019 में वायुसेना की फ्लाइंग यूनिट की पहली महिला कमांडर बनाया था। उन्हें एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ की तरफ से दो बार कमांड दिया जा चुका है। शालिजा ने खालसा कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की। उनके पिता हरकेश धामी बिजली बोर्ड के एसडीओ, मां देव कुमारी जल आपूर्ति विभाग में कार्यरत थीं।
हाईकोर्ट ने दिया था अधिकार
वायुसेना में 1994 में पहली बार महिलाओं को शामिल किया था। काफी समय तक उन्हें नॉन कॉम्बैट जिम्मेदारी दी जाती रही। दिल्ली हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई के बाद 2010 में वायुसेना में महिलाओं को पुरुषों के समकक्ष कमीशन पाने का अधिकार मिला। कोर्ट ने कहा था कि 14 साल की सर्विस के बाद महिलाओं को पुरुषों की तरह स्थायी कमीशन दें।
Published on:
09 Mar 2023 07:06 pm
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