
जयपुर। विधानसभा में मास्टर प्लान का मामला गूंजा। कांग्रेस विधायक और पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने मास्टर प्लान मामले में सरकार को घेरा। उन्होंने मास्टर प्लान और जोनल प्लान में बनाने में मनमानी और चहेतों के लिए ग्रीन एरिया में आवासीय निर्माण की अनुमति देने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 303 निकाय हैं।
इसमें से 120 नवगठित नगर पालिकाओं के मास्टर प्लान बनाए ही नहीं। ऐसे में जोनल प्लान बनाना तो दूर की बात है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत मास्टर प्लान बनाए बिना जोनल प्लान लागू नहीं कर सकते। 20 शहरों के मास्टर प्लान की अवधि खत्म हो चुकी है और 15 शहरों का प्लान अपडेट नहीं किया गया। गुलाब कोठारी बनाम राजस्थान सरकार से जुड़े मास्टर प्लान मामले में हाईकोर्ट के आदेश को गंभीरता से लो, यह गंभीर विषय है। जाग जाओ नहीं तो दिक्कत आएगी।
धारीवाल ने कहा कि हाईकोर्ट ने ग्रीन एरिया में निर्माण पर रोक लगा रखी है। कोई भी आवासीय व अन्य योजना विकसित नहीं की जा सकती है। लेकिन इस सरकार में भूमाफियाओं से मिलीभगत कर 1-1 हजार वर्गमीटर के भूखंड सृजित किए जा रहे हैं। नर्सरी, ओचार्ड की भूमि पर ऐसा प्रावधान कर दिया कि 60:40 के अनुपात में योजना सृजित कर दी जाएगी।
हाईकोर्ट ने ऐसी भूमि के मामले में मंथन के बाद फैसला दिया था। धारीवाल ने जयपुर के अजमेरा गार्डन की जमीन का मामला उठाया और कहा कि खरीददारों के बीच एग्रीमेंट हो गया और आज वहां सड़क बनाई जा रही है। एक-एक हजार वर्गमीटर के भूखंड बेचे जा रहे हैं।
Updated on:
8 Mar 2025, 7:49 AM IST
Published on:
8 Mar 2025, 7:49 AM IST
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