16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस बार शारदीय नवरात्र में गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानिए पूरे साल क्या रहेगा फल…

इस बार मां दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन 'गज' (हाथी ) पर है, जो अच्छी बारिश, खुशहाली और समृद्धि का संकेत है।

2 min read
Google source verification
navratr.jpg

देवेन्द्र सिंह / जयपुर. शारदीय नवरात्र इस साल 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिन के है। वहीं नवरात्र का समापन 24 अक्टूबर को विजयादशमी पर होगा। इस बार मां दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन 'गज' (हाथी ) पर है, जो अच्छी बारिश, खुशहाली और समृद्धि का संकेत है। सुवर्षा किसानों के साथ-साथ देश में समृद्धि लाने में अहम योगदान करेगी। परम शक्ति मां दुर्गा की आराधना के लिए वर्ष में आने वाले चार नवरात्र को सर्वोत्तम समय माना जाता हैं। इसमें भी शारदीय नवरात्र का सबसे ज्यादा महत्व है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने भी शारदीय नवरात्र में देवी को प्रसन्न कर विजयदशमी के दिन रावण का संहार किया था। श्रद्धालु आज भी श्रद्धा से शक्ति की प्रतिक मां दुर्गा की नवरात्र में उपासना कर आत्म बल प्राप्त करते हैं।

आगमन शुभ व प्रस्थान अशुभ
शारदीय नवरात्र प्रारंभ होने के पूर्व लोगों के दिलों में यह जिज्ञासा बनीं रहती हैं कि मां दुर्गा अपना पूरा परिवार किस वाहन पर सवार होकर आएगी ओर किस वाहन से लौटेंगी। मां दुर्गा के आगमन एवं प्रस्थान से ही आगामी वर्ष के अच्छे बुरे फल का अंदाज लगाया जा सकता हैं। श्री शिव शक्तियोग पीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद ने बताया कि इस वर्ष नवरात्र कलश स्थापना अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 15 अक्टूबर रविवार को होगा। देवी भागवत पुराण के अनुसार घटस्थापना रविवार को होने के कारण शास्त्रों में पृथ्वी पर मां दुर्गा का आगमन 'हाथी' पर हो रहा है। जिसका फल होता हैं अत्यधिक वर्षा के साथ पानी में बढ़ोत्तरी। विजयदशमी 24 अक्टूबर मंगलवार को हैं। ऐसे में मां दुर्गा पृथ्वी पर अपने पूरे परिवार के साथ 'मुर्गा' (चरणायुद्ध) पर सवार होकर लौटेंगी। इसके कारण जनमानस में विकलता बनी रहेगी। लोगो के बीच द्वैषता बढ़ेगी। प्रस्थान शुभ संकेत नहीं है। गृह युद्ध या पड़ोसी देश से युद्ध की सी स्थिति बनेगी।


वार से जुड़ी मां की सवारी

ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री ने बताया कि नवरात्र में मां का आगमन व प्रस्थान की सवारी वार से जुड़ी हुई है। यदि नवरात्र रविवार या सोमवार से शुरू होते हैं तो मां दुर्गा हाथी पर, शनिवार या मंगलवार को घोड़ा पर, गुरुवार या शुक्रवार को डोला पर, और बुधवार को शुरू होने पर मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आती हैं। यदि रविवार व सोमवार को विजयादशमी होती हैं तो मां दुर्गा भैंसा पर सवार होकर प्रस्थान करती है। वहीं शनिवार व मंगलवार को मुर्गा पर, बुधवार व शुक्रवार को गज पर एवं गुरुवार को नर वाहन पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं।

कब किस देवी की पूजा
15 अक्टूबर प्रतिपदा - मां शैलपुत्री
16 अक्टूबर द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी
17 अक्टूबर तृतीया- मां चंद्रघंटा
18 अक्टूबर चतुर्थी- मां कुष्मांडा
19 अक्टूबर पंचमी- मां स्कंदमाता
20 अक्टूबर षष्ठी- माता कात्यायनी
21 अक्टूबर सप्तमी- मां कालरात्रि
22 अक्टूबर दुर्गा अष्टमी- महागौरी
23 अक्टूबर महानवमी- सिद्धिदात्री
24 अक्टूबर दशमी- दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी (दशहरा)


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग