
She News- गौ सेवा के लिए समर्पित गोमती, भेंट में लेती हैं चारा
पहले कथाकार के रूप में नानी बाई का मायरो और मीरा के चरित्र को गाथा के रूप में सुनाने का काम किया फिर इससे प्राप्त होने वाली आय और भेंट का उपयोग गौसेवा के लिए कर रही हैं गोमती देवी। वे अब तक लाखों रुपए इसी काम के लिए दे चुकी हैं। उन्हें यह प्रेरणा मिली वृंदावन के राजेंद्रदास जी महाराज से। गोमती के मुताबिक उन्हें बचपन से ही कथा सुनना पसंद था। वर्ष 2015 में साठ वर्ष की उम्र में खुद कथा सुनाना शुरू कर दिया। शुरू में स्वयं के स्तर पर कई कार्यक्रम किए और जैसे-जैसे लोग जानने लगे कथा करने के लिए निमंत्रण मिलने लगे। कथा शुरू करने के साथ ही उन्होंने प्रण लिया कि इसका एक भी पैसा वह स्वयं के उपयोग में नहीं लेंगी। यह केवल गौ सेवा के लिए ही काम आएगा। वह अब तक तीस से अधिक कथाएं कर चुकी हैं और इनसे प्राप्त होने वाली राशि गौ शालाओं में दे दी हैं। कुछ राशि कन्याओं के विवाह के लिए भी दी।
कथा से मिला पैसा भी दान
वे कहती हैं कि जब भी कथावाचक कथा करते हैं तो लोग अंतिम दिन उन्हें भेंट स्वरूप कु छ देते हैं लेकिन वह पहले ही दिन अपनी कथा में घोषणा कर देती हैं कि यहां से जो भी भेंट मिलेगी वह गायों के लिए है इसलिए भेंट स्वरूप उन्हें चारा दिया जाए जो गायों के लिए काम आ सके। गोमती बताती हैं कि उनके इस काम में पति से पूरा साथ दिया। कई बार कथा के लिए होने वाला खर्च भी उनके पति स्वयं उठाते थे।
Published on:
11 Dec 2023 04:17 pm
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