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She News- मिसेज यूनिवर्स की जर्नी से ली सीख, खुद हुईं परेशान तो अब सिखा रहीं पर्सनेलिटी ग्रूमिंग

अभी तक हम सभी देखते आए हैं कि बच्चे माता पिता के सपने पूरे करते हैं, लेकिन एक ऐसी भी महिला हैं जिन्होंने अपने बच्चे की चाह को पूरा किया।
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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 07, 2024

She News- मिसेज यूनिवर्स की जर्नी से ली सीख, खुद हुईं परेशान तो अब सिखा रहीं पर्सनेलिटी ग्रूमिंग

She News- मिसेज यूनिवर्स की जर्नी से ली सीख, खुद हुईं परेशान तो अब सिखा रहीं पर्सनेलिटी ग्रूमिंग

अभी तक हम सभी देखते आए हैं कि बच्चे माता पिता के सपने पूरे करते हैं, लेकिन भोपाल शहर में एक ऐसी भी महिला हैं जिन्होंने अपने बच्चे की चाह को पूरा किया। बच्चा चाहता था कि उसकी मां भी जॉब करे। बच्चे की इस चाह के चलते फिजियोथेरेपिस्ट हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर और एंटरप्रेन्योर अमृता त्रिपाठी ने मिसेज यूनिवर्स जॉय का खिताब जीता और अपनी जर्नी से सीख लेते हुए शहर की महिलाओं के लिए एम्प्रैस नाम से एक स्पेस तैयार किया है। जिसमें 14 साल की लड़कियों से लेकर हाउस वाइफ तक को उनकी पर्सनेलिटी ग्रूमिंग सिखा रही हैं।
सिखा रही ग्रूमिंग
अमृता ने बताया कि मिसेज इंडिया से लेकर मिसेज यूनिवर्स की जर्नी में कई परेशानियां आईं इसलिए जब मिसेज यूनिवर्स का खिताब जीता तभी सोच लिया था कि फीमेल्स के लिए ट्रेनिंग सेंटर शुरू करना है। जिसमें महिलाएं खुद को अपडेट करना, सोशल वर्क, वीकेंड पार्टी, प्लांटेशन ट्राइव, सेल्फ लव, सेल्फ ग्रूमिंग और बात करने का तरीका आदि की ट्रेनिंग ले सकें।
कोविड के समय की ऑनलाइन तैयारी
अमृता ने बताया कि कोविड के दौरान मेरा ऑनलाइन सलेक्शन हुआ था लेकिन सेमी फाइनलिस्ट के लिए फिजिकल टेस्ट देने की बारी आई तो भोपाल में कुछ नहीं मिला जहां से मैं खुद को ग्रूम करने की ट्रेनिंग ले सकूं। मेरे लिए परिवार और बच्चे को छोड़ कर दूसरे शहर जाकर ट्रेनिंग लेना आसान नहीं था। तब लगा कि मेरी तरह दूसरी फीमेल्स को भी ऐसे ही परेशानी होती होगी।
हसबैंड ने किया पूरा सपोर्ट
अमृता ने बताया कि मैंने 5 साल तक कुछ नहीं किया। फिर जब बच्चा बड़ा हुआ तो लगा कि मैं हाउस वाइफ बनकर तो कभी नहीं रह सकती। मेरा कॉन्फिडेंस खत्म हो गया था। उस समय मैंने निर्णय लिया कि अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करूंगी। हसबैंड सपोर्टिव थे इस वजह से होस्पिटल में फिजियोथेरेपिस्ट की जॉब शुरू की, लेकिन वो काम फैमिली को पसंद नहीं आया इसलिए वो जॉब छोडऩी पड़ी। इसके बाद कोविड ने सब बदल दिया, मुझे लाइफ की वेल्यू समझ आई और मैंने सोच लिया कि कुछ ऐसा करना है कि लोग मेरे जाने के बाद भी मुझे याद कर सकें।

क्या है एम्प्रैस

एम्प्रैस का मतलब भावात्मक, मानसिक, शारीरिक, मनोरंजन, पर्यावरण, आध्यात्मिक और सामाजिक है।यहां महिलाओं को यही सब सिखाया जाता है जिससे वह खुद की पर्सनेलिटी को ग्रूम कर सकें।