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खो गई छठ के मेले की रंगत, श्रद्धालुओं की परेशानी का ये है बड़ा कारण

आमेर महल स्थित शिलामाता मंदिर : मावठा की पाल स्थित दलाराम बाग का गेट प्रशासन ने किया बंद, सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

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jaipur

खो गई छठ के मेले की रंगत, श्रद्धालुओं की परेशानी का ये है बड़ा कारण

जयपुर. शारदीय नवरात्र में छठ तिथि के दिन आमेर महल स्थित शिला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इस दिन सरकारी अवकाश भी रखा जाता है। आमेर में मेले की रंगत देखने को मिलती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से छठ के मेले का रंग कुछ फीका पड़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आमेर में नवरात्र के समय भरने वाले छठ मेले पर ग्रहण लग गया है। शारदीय नवरात्र की छठ पर आमेर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुट जाती थी। लेकिन महल और पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के नाम पर बाग सहित अन्य सुविधाएं छीन लीं और छठ का मेला आज उजड़ ही गया है।

श्रद्धालुओं की राह हुई मुश्किल
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की राह आसान करने और सुविधा देने की बजाय मावठा की पाल स्थित दलाराम बाग का गेट ही बंद दिया है। ऐसे में न केवल मावठा से गांधी चौक तक श्रद्धालुओं को सड़क पर खड़े रहना पड़ रहा है बल्कि लोगों को दिनभर लम्बे जाम से भी जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दलाराम बाग का गेट बंद कर देने से भारी परेशानियां खड़ी हो रही हैं। महल प्रशासन ने दावा किया कि सुरक्षा कारणों से बंद किया गया गेट रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर खोल दिया गया। लेकिन राजस्थान पत्रिका टीम ने जायजा लिया तो गेट बंद था और बाहर सड़क पर लंबा जाम लगा रहा।

2 किमी का लगाना पड़ता है चक्कर
बस से आने वाले श्रद्धालु मावठा स्टैंड पर उतरते हैं। अपने वाहन से आने वाले श्रद्धालु यहां पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर पैदल ही माता के दर्शन करने जाते हैं। मावठा पर बाग का गेट बंद रहने से श्रद्धालुओं को हाथी स्टैंड के रास्ते से मंदिर तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में करीब 2 किलोमीटर लम्बा अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। हाथी मार्ग पर जगह-जगह फिसलन होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।