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आमेर स्थित शिलामाता मंदिर में सर्वार्थसिद्धि योग में हुई घट स्थापना, उमड़ा भक्तों का सैलाब

माता के दर्शन पाने कई-कई घंटों तक किया इंतजार शिला माता मंदिर में सुबह 6.25 बजे हुई घट स्थापनासर्वार्थसिद्धि व अमृतसिद्धि योग में हाथी पर सवार होकर आईं मातारानी

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जयपुर

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Deepshikha

Sep 29, 2019

जयपुर. शक्ति व उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र आश्विन शु€ल प्रतिपदा पर रविवार को शुरू हुआ। घरों और मंदिरों में घट स्थापना हुई। सूर्योदय के साथ ही घट स्थापना का मुहूर्त होने से सुबह
ही घट स्थापना की गई। मंदिरों में माता के जयकारे गूंज उठे। आमेर शिला माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह घट स्थापना हुई। घट स्थापना का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा।

सर्वार्थसिद्धि व अमृतसिद्धि योग में दुर्गा माता हाथी पर सवार होकर आई। शिला माता समेत शहर के मंदिरों में अल सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शिला माता मंदिर में तो भ€त देर रात से ही माता के दर्शन पाने की प्रतीक्षा में जुटे रहे। शहर के दूसरे मंदिरों में भी अलसुबह से जुटे भ€तों में श्रद्धा का ज्वार देखा गया। इस बार शारदीय नवरात्र नौ दिन के है।

घट स्थापना द्विस्वभाव लग्न (कन्या लग्न) में सुबह 6 बजकर 22 मिनट से शुरू हुई, जो दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक हुई। इस बीच चर, लाभ व अमृत का चौघडिय़ा रहा। सुबह 11 बजकर
54 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक अभिजित मुहूर्त में भी घट स्थापना हुई।

शिला माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, खोले के हनुमानजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में घट स्थापना हुई। लगी भक्तों की कतार आमेर स्थित शिलामाता मंदिर में सुबह 6.25 बजे घट स्थापना हुई। पुजारी बनवारी लाल शर्मा के सान्निध्य में पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सुबह 7.25 बजे मंदिर में दर्शन खुले तो माता के जयकारे गूंज उठे। माता के दर्शनो के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। माता के दर्शन खुलने से पहले ही भक्तों की कतार लग गई। यहां छाया पानी की व्यवस्था की गई।


सुबह-शाम खुलेंगे द्वार

मंदिर पुजारी बनवारी लाल ने बताया कि नवरात्र में रोजाना सुबह 6 से दोपहर 12.30 बजे और शाम 4 से रात 8.30 बजे तक दर्शन खुले रहेंगे। यहां 4 अ€टूबर को छठ का मेला भरेगा। 5 अ€टूबर को सप्तमी के दिन रात 10 बजे निशा पूजन होगा। अष्टमी पर 6 अ€टूबर को शाम 4.30 बजे पूणाहज़्ुति होगी। दशमी पर 8 अ€टूबर को सुबह 10.30 बजे नवरात्रा उत्थापना