
Shitla Satam Vrat Katha , Shitla Satam Puja Vidhi
जयपुर. 10 अगस्त 2020 को उदया तिथि षष्ठी सुबह 06 बजकर 42 तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी. भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी का धार्मिक नजरिए से बहुत महत्व है. सनातन ग्रंथों के अनुसार इस तिथि को शीतला सातम (Shitala Satam) के नाम से भी जाना जाता है.
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित के अनुसार इस दिन माता शीतला (Goddess Shitla) की पूजा, उपासना की जाती है. विशेष तौर पर गुजरात में यह पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाता है. माता शीतला से संतान के सुख, सौभाग्य और स्वास्थ्य की कामना लिए शीतला सातम (Shitla Satam) पर व्रत रखा जाता है. शीतला सातम के दिन बासी भोजन से ही माता शीतला को भोग लगाया जाता है और उसे ही ग्रहण किया जाता है। इस दिन ताजा भोजन नहीं पकाया जाता।
माता शीतला को रोगों की देवी भी माना जाता है। इस दिन माता शीतला की विधिवत पूजा करने से किसी भी प्रकार के गंभीर रोग नहीं होते. खासतौर पर माता शीतला खसरा और चेचक जैसे भयानक रोगों से बचाती हैं। शीतला सातम को रंधन छठ के नाम से भी जाना जाता है।
शीतला सातम पूजा मुहूर्त
सप्तमी तिथि प्रारम्भ: 10 अगस्त को 06:42 AM
शीतला सातम पूजा मुहूर्त: 10 अगस्त को 06:42 AM से 07:05 PM
सप्तमी तिथि समाप्त: 11 अगस्त को 09:06 AM
Published on:
10 Aug 2020 08:01 am
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