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राजस्थान में शिवसेना प्रमुख की नियुक्ति के साथ ही शुरू हुआ बवाल, जानें किस ‘विवादित’ नेता को मिली है ज़िम्मेदारी

Rajasthan Shiv Sena प्रमुख की नियुक्ति के साथ ही शुरू हुआ बवाल, जानें क्यों हो रहा Lakhan Panwar का विरोध

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Shiv Sena appointed lakhan panwar as Rajasthan chief

जयपुर/ मुंबई।

राजस्थान में बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना फलने-फूलने से पहले ही विवादों में पड़ गई है। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को पिंजरे का शेर बताकर और उनका पुतला फूंकने वाले लखन सिंह पंवार को राजस्थान में शिवसेना का प्रमुख बनाया गया है। इससे मुंबई सहित महाराष्ट्र के शिवसैनिकों में रोष है।

शिवसैनिकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पार्टी अध्यक्ष उद्धव को पत्र लिखा है। शिवसेना के संगठक सचिव राज कुमार बाफना को राजस्थान में संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। बाफना ने भी राजस्थान में पकड़ बनाने के लिए लखन सिंह पंवार के पुराने रिकार्ड को नजरअंदाज करते हुए शिवसेना में प्रवेश कराकर उसे राजस्थान का प्रमुख बना दिया।

बालासाहेब के लिए की थी विवादित टिप्पणी
लखन सिंह ने कुछ दिन पहले ही मीडिया में बालासाहेब को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बालासाहेब को उसने पिंजरे का शेर कहने के साथ धर्म के नाम पर जहर उगलने वाला भी कहा था। इतना ही नहीं राजस्थान में शिवसेना हिन्दुस्तान नामक संगठन बनाकर बालासाहेब को निशाना बनाता रहा है।


गौरतलब है कि शिवसेना राष्ट्रीय राजनैतिक दल है जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र प्रान्त में ही सक्रिय है। इसकी स्थापना 19 जून 1933 को बालासाहेब ठाकरे ने की थी। वर्तमान समय में इस दल के लोकसभा, राज्य सभा और महाराष्ट्र विधानसभा में निर्वाचित सदस्य हैं। इस दल का प्रतीक चिन्ह (लोगो) बाघ है। पूरे देश में शिव सेना को एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी दल के रूप में जाना जाता है।