
अमरापुरा स्थान में महाशिवरात्रि पर अमरापुरेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूजा, अर्चना, गंगा जल से अभिषेक किया। संत मोनूराम ने बताया कि हवन के बाद भंडारा हुआ। बीडी टेकवानी ने महाशिवरात्रि के पर्व का महत्व बताया। इस मौके पर भगवान भोलेनाथ और राम का वेश धारण किया।
आस्था के केंद्र श्री अमरापुरा स्थान जयपुर में गुरुवार के परम पवित्र दिवस एवं विजया एकादशी पर सांय काल हरि नाम संकीर्तन हुआ। संकीर्तन के अंतर्गत भगवान श्री हरि विष्णु, लड्डू गोपाल के मधुर धुनों का उच्चारण किया गया। कृष्ण गोविंद -गोविंद गोपाल नंदलाल, जय जय राधा रमण हरि बोल आदि धुनो का संकीर्तन हुआ। श्री अमरापुर स्थान जयपुर के व्यवस्थापक संत मोनूराम महाराज ने संकीर्तन के साथ-साथ विजया एकादशी का महत्तम भी बताया। संतों ने बताया कि विजया एकादशी विजयश्री का मनवाचित फल देने वाली एकादशी है। वनवास के अंतर्गत जब प्रभु श्री राम एवं लक्ष्मण माता सीता की खोज में जब जंगल जंगल घूम रहे थे। तब ऋषि मुनियों द्वारा प्रभु श्री राम को विजया एकादशी व्रत रखने का परामर्श दिया गया था, इसी के उपरांत ही उन्हें हर कार्य में विजय श्री प्राप्त हुई।
महाशिवरात्रि महापर्व पर ठाकुर श्री राधागोविंददेवजी को नवीन बाघंबरी पोशाक धारण करवाई गई। विशेष अलंकार धारण कराकर पुष्प श्रृंगार किया गया। छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। रचना झांकी में शिव विवाह का सेवा दर्शन कराया गया। महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में मंदिर मातहत विभिन्न मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, भोग , पोशाक सेवा किया गया। इनमें मंदिर श्री गोपेश्वर महादेव. मंदिर श्री काला महादेव जी , कनक घाटी. मंदिर श्री भूरा महादेव जी कनक घाटी मुख्य है।
Published on:
08 Mar 2024 06:07 pm
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