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गंगोत्री के गंगाजल से मल्लिकार्जुन का करेंगे अभिषेक, 2200 किलोमीटर की डाक कांवड लेकर दौड़ रहे शिवभक्त

जयपुर

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Newsdesk

Aug 09, 2026

Rajasthan

हिण्डौनसिटी. आज का दौर समय रफ्तार का है। द्रुतगति का रंग सावन में शिवजी की भक्ति में भी परवान चढ़ रहा है। शहर के शिव भक्तों का दल गंगोत्री से गंगाजल भरकर आंध्रप्रदेश स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग तक पहुंचाने के लिए भक्तजन दौड़ लगा रहे हैं। हिण्डौन के शिव भक्त सावन के दूसरे सोमवार को ज्योतिर्लिंग पर गंगा जल से अभिषेक करेंगे।

संत छैयादास के सानिध्य में चौथी यात्रा के रूप में भक्तजन 2200 किलोमीटर लंबा सफर तय कर रहे हैं। 30 जुलाई को गंगोत्री से गंगाजल भरने के बाद 1 अगस्त को ऋषिकेश से 70 युवा शिव भक्तों ने संत के नेतृत्व में दौडऩा शुरू किया। कांवड़ दल के सदस्य गणेश महंत ने बताया कि डाक कांवड़ प्रतिदिन बिना ठहराव के लगभग 300 किलोमीटर का सफर करती है। डीजे पर शिवभजनों की गूंज और जयकारों के बीच 10 बाइकों पर 20 शिव भक्त रिलीवर के रूप में साथ चलते हैं। यात्रा मेरठ, पलवल, आगरा, धौलपुर, मुरैना, सागर, बैतूल, नागपुर और हैदराबाद होते हुए शनिवार को आंध्रप्रदेश के श्री सेलम पर्वत पर विराजित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के समीप पहुंच गई। सोमवार को गंगोत्री से लाए गंगाजल से शिवजी का अभिषेक किया जाएगा। शिव भक्तों का दावा है कि यह यात्रा इस सावन की सबसे लंबी डाक कांवड़ है। वहीं अलवर के भक्त गंगोत्री से सोमनाथ तक कांवड़ लेकर जा रहे हैं, जिसकी दूरी मल्लिकार्जुन से कम है।



हर वर्ष एक ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाते कांवड़
संत छैय्यादास के सानिध्य मेें यह डाक कांवड यात्रा बारह ज्योतिर्लिंग गंगोत्री जलाभिषेक अभियान का है। हर वर्ष सावन में एक ज्योतिर्लिंग पर कांवड़ लेकर जाने की परंपरा रही है। इससे पहले शहर के शिवभक्त रामेश्वरम, महाकाल व सोमनाथ ज्योतिर्लिंग तक डाक कांवड से गंगाजल ले जाकर अभिषेक कर चुके हैं।



ट्रक में सो कर मिटाते थकान

गणेश महंत ने बताया कि कांवडिए ट्रक में आराम करके थकान दूर मिटाते हैं। और दौडऩे की बारी आने पर टोली दौडऩे को तैयार हो जाती है। ट्रक को 50-60 किलोमीटर आगे ले जाकर कांवड आने तक एक टीम भोजन तैयार करती है, और दूसरा कांवड़ को लेकर दौडऩा जारी रखता है।



फोटो

हिण्डौनसिटी. गंगोत्री से गंगाजल की डाक कांवड़ लेकर मल्लिकार्जुन की ओर दौड़ते संत व शिव भक्त।