जेल से ही गैंग चला रहा शिवराज!12 घंटे बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर रणवीर के हत्यारें
जयपुर
कोटा में रविवार को हुई गैंगवार ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि गैंगवार के चलते कोटा में गोलियां चली हो। इससे पहले भी कई बार शिवराज और भानुप्रताप गैंग आमने सामने हो चुकी हैं। दोनों ही गैंग के बदमाशों ने मौत का बदला मौत से ही लिया हैं। हालांकि भानुप्रताप सिहं की हत्या करने के बाद ही शिवराज सिंह का गैग का नाम उभर कर सामने आया था। गैंगस्टर बदमाश भानुप्रताप की हत्या शिवराज सिंह ने की और वह अभी भी जेल में है। लेकिन वह जेल से ही अपनी गैंग चला रहा हैं। पुलिस को शक है कि जेल में बैठे शिवराज ने ही साजिश रचते हुए अब हिस्ट्रीशीटर रणवीरसिंह चौधरी पर फायरिंग करवा कर उसे मौत के घाट के उतार दिया हैं। गौरतलब है कि रविवार शाम कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम के बाहर हिस्ट्रीशीटर रणवीरसिंह चौधरी पर अंधाधुंध सात फायर करके उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हालांकि हत्या के बाद पुलिस ने नाकाबंदी करवाई और जगह जगह दबिश दी लेकिन पुलिस को 12 घंटे बाद तक भी फायरिंग करने वाले बदमाशों का पता नहीं चला हैं।
ऐसे शुरू हुआ दुश्मनी का खेल
12 मई 2009 को चित्तौडगढ़़ में मेनाल इलाके में भानू प्रताप गैंग ने शिवराज सिंह के भाई बृजराज सिंह की हत्या कर दी थी। अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए कुख्यात गैंगस्टर शिवराज सिंह ने भाई सूरज सिंह के साथ मिलकर पुलिस कस्टडी में भानू की हत्या की साजिश रची थी। अप्रेल 2011 में भानुप्रताप को उदयपुर सेंट्रल जेल से पुलिस झालावाड़ में पेशी पर लेकर जा रही थी। रास्ते में बिजौलिया इलाके में मेनाल के पास दो गाडिय़ों में सवार होकर आए गैंगस्टर शिवराज सिंह, सूरज भदौरिया और उसके 16 अन्य साथियों ने भानू प्रताप सिंह को लेकर जा रही पुलिस वैन को पीछे से टक्कर मारी। इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग कर भानू, कमांडो प्रकाश, सोहनलाल की हत्या कर दी थी। जिसके बाद से इस गैंग में यह दुश्मनी का खेल शुरु हुआ था। भानु प्रताप ने शिवराज के भाई को मारा था। जिसके बाद शिवराज ने भानु को मार कर उसका बदला लिया था। अब भानु गैंग के रणवीर को फिर मौत के घाट उतार दिया गया हैं। शिवराज अभी सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। पुलिस को शक है कि वह जेल से ही गैंग को चला रहा है।
रणवीर ने भी की थी हत्या
हाल ही मारे गए बदमाश रणवीर ने भी 25 अप्रैल 2011 को चेचट निवासी रमेश जोशी को फार्म हाउस पर जाते समय हिस्ट्रीशीटर नवनीत शर्मा के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया था। वर्चस्व की लड़ाई के चलते उसने घटना को अंजाम दिया था। नवनीत के साथ रणवीर चौधरी मुख्य रूप से मौजूद था। अब रणवीर की हत्या कर इस मौत का बदला लिया गया हैं। रणवीर की हत्या के मामले में पुलिस ने देर रात अजय, पीरू, हारून, टींकू समेत 5-6 बदमाशों को नामजद कर उनकी तलाश शुरू कर दी हैं।