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कुआं चोरी हो गया

कुआं चोरी हो गया? बहुत आश्चर्य से अफजल खान ने किसान को देखते हुए कहा। कुआं भी चोरी हो सकता है?

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कुआं चोरी हो गया

कुआं चोरी हो गया

कहानी

सुशील पारीक

फजल खान सांचौर के पुलिस थाने के एक कड़क पुलिस इंचार्ज थे और अपनी ईमानदारी के लिए मशहूर थे। वे ऑफिस में काम कर रहे थे तभी संत्री ने आकर कहा कि कोई किसान चोरी की रिपोर्ट लिखवाना चाहता है। उन्होंने भीतर बुलाने का इशारा किया। एक कृषक सा दिखने वाला आदमी भीतर आया उसके हाथ में थैला था। अफजल ने उसे प्रश्नवाचक निगाहों से देखा और आंखों से ही घूरा तो वह बोल उठा-हुजूर मेरे खेत से कुएं की चोरी हो गई है। मैं उसकी रिपोर्ट लिखावाना चाहता हूं।
कुआं चोरी हो गया? बहुत आश्चर्य से अफजल खान ने किसान को देखते हुए कहा। कुआं भी चोरी हो सकता है?
मेरा कुआं वास्तव में चोरी हो गया है।
उसकी दृढ़ता देखकर अफजल को भी थोड़ा गंभीर होना पड़ा
क्या प्रमाण है कि वहां कुआं था।
किसान ने अपनी फाइल थैले में से निकाली और उसमें तरतीब से रखे हुए कागजों में से एक एक निकाल कर पकड़ाने लगा। हुजूर यह देखिए मैंने बैंक से लोन लेने के लिए प्रार्थना पत्र बैंक को दिया और बैंक ने मुझो दस लाख का लोन सैंक्शन किया, उसकी कॉपी है यह। मुझो बैंक ने पहली किस्त जारी की उसकी कॉपी है और हुजूर दूसरी किस्त जारी करने के लिए यह बैंक के अधिकारी द्वारा किए गए इंस्पेक्शन की रिपोर्ट है जिसमें लिखा है कुएं का 50 फीसदी काम पूरा हो गया और मुझो लोन की बाकी की रकम भी जारी कर दी गई। यह कुएं के निर्माण की वर्क कंपलीशन रिपोर्ट है जो कि बैंक अधिकारी द्वारा दी गई है। इसके साथ ही मैंने जहां से भी कुएं के लिए सामान खरीदा था और जिस ठेकेदार ने इसे बनाया था उसके सभी बिल मौजूद हैं। सभी बिलों की मूल प्रति बैंक के पास है। इसके बाद मैंने डीजल पम्प सेट खरीदा उसका बिल भी है। वो डीजल का पंपसेट भी चोरी हो गया। आप मेरे कुएं को ढूंढवाइए वरना मैं तो बर्बाद हो जाऊंगा।
तुम्हारा नाम क्या है ? अफजल ने पूछा।
जी मेरा नाम पूनाराम है। पूनाराम सामने पड़ी हुई कुर्सी पर बैठ गया।
मुझो तफसील से बताओ बात क्या है?
थानेदार साहब अच्छा रहेगा आप स्वयं ही इन कागजों के आधार पर जांच करें।
सबसे पहले ठेकेदार को बुलाया गया। उसके बिल की कॉपी उसके हाथ में देकर थानेदार साहब ने पूछा-आपने ही पूनाराम जी के खेत में कुआं बनाया था? ठेकेदार का चेहरा उतर गया लेकिन हां कहने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था। यह कुआं चोरी हो गया और पूनाराम ने पुलिस में उसकी रिपोर्ट लिखवाई है।
हुजूर मैंने तो बैंक मैनेजर साहब के कहने पर यह बिल बना कर दिया था और इसकी राशि में से टेक्स और 10 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी सारी राशि मैनेजर साहब को ही सौंप दी थी।
ठीक है अभी आप जाइए लेकिन जब भी आपको बुलाया जाए तुरंत हाजिर हों।
फिर बैंक मैनेजर साहब को तलब किया गया। मैनेजर को सब कुछ ठेकेदार ने बाहर निकलते ही फोन करके बता दिया था, वे अपनी पूरी तैयारी करके आए थे।
ठेकेदार साहब से आपकी बात हो ही गई होगी। अब आप बताइए मैनेजर साहब इस विषय में क्या किया जाए। आप लोगों ने जो किया वह गंभीर अपराध है। अपने पद का दुरुपयोग करके आपने कमीशन लिया और साजिश करके गरीब व्यक्ति के पैसे हड़प लिए। लेकिन थानेदार साहब हमने तो पांच लाख पूनाराम को नगद वापस दे दिए थे। पर दस लाख के लोन पर आधा खर्च! कल इस विषय पर सभी इकठ्ठा होकर आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे।
दूसरे दिन सभी लोग उपस्थित थे। पूनाराम, बैंक मैनेजर, ठेकेदार, डीजल पंप का सप्लायर और निरीक्षण करने वाले अधिकारी। थानेदार ने सीधा पूनाराम से कहा कि बताओ तुम क्या चाहते हो?
पूनाराम ने थैली में से पांच लाख रुपए निकाले और बोला-हुजूर यह रुपए मेरे वापस जमा करके बैंक से मुझो नो ड्यूज सर्टिफिकेट दिला दिया जाए। सभी ने समझाा यह तो बहुत ही आसान समाधान हो गया। उसी वक्त बैंक मैनेजर ने बैंक में निर्देश दिया सभी ने जो जो भी कमीशन और खर्चे के रुपए लिए थे वह अपने पास से देकर सारे रुपए जमा करके बैंक लोन को चुकता करके उसी समय पूनाराम को रसीद भी दे दी गई और यह प्रमाण पत्र भी दे दिया कि अब उसका कोई रुपया बकाया नहीं है। थानेदार साहब ने पूछा अब तो कोई दिक्कत नहीं है। पूनाराम पुन: हाथ जोड़कर बोला- जब तक मेरा कुआं नहीं मिलेगा तब तक मेरे साथ न्याय कैसे होगा? सबके चौंकने की बारी थी थानेदार भी हतप्रभ था पूनाराम की होशियारी पर।
तो तुम क्या चाहते हो ?
मैं तो बस इतना चाहता हूं कि मेरा कुआं अपनी जगह पर वापस आ जाए। सभी को पूनाराम की चतुराई समझा में आ गई थी। उसने समझादारी से पहले अपना सारा लोन चुकता कर दिया और कुएं के लिए अभी भी अड़ा हुआ है। आखिर सभी ने मिलकर पूनाराम के खेत में कुआं बनवा दिया और पूनाराम ने अपनी वह रिपोर्ट वापस ले ली।
उन सभी के अलावा किसी को भी यह पता नहीं चला कि पूनाराम के खेत में वह वापस कैसे बना और उसका लोन कैसे चुकता हुआ।