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श्रावण शुरू, शिव आराधना के लिए मिलेंगे 59 दिन, तड़के के देर रात तक हर-हर महादेव की गूंज

Shravan Month: शिव आराधना का पवित्र माह श्रावण शुरू हुआ। इस बार श्रावण अधिकमास होने से भक्तों को 59 दिन शिवजी की विशेष आराधना को मिल रहे हैं। वहीं श्रावण में आठ सोमवार आएंगे।

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श्रावण माह शुरू, शिव आराधना के लिए मिलेंगे 59 दिन, तड़के के देर रात तक हर—हर महादेव की गूंज

श्रावण माह शुरू, शिव आराधना के लिए मिलेंगे 59 दिन, तड़के के देर रात तक हर—हर महादेव की गूंज

जयपुर। शिव आराधना का पवित्र माह श्रावण आज से शुरू हुआ। इस बार श्रावण अधिकमास होने से भक्तों को 59 दिन शिवजी की विशेष आराधना को मिल रहे हैं। वहीं श्रावण में आठ सोमवार आएंगे। ऐसे में शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी, वहीं शिवजी के जलाभिषेक के लिए होड सी मचेगी। शिवालयों में रोजाना विशेष झांकियों के दर्शन होने शुरू हो गए है।

क्वींस रोड स्थित झाड़खंड महादेव मंदिर में तड़के 4 बजकर 45 मिनट पर दर्शन खुलेंगे, जो रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। इस बीच भक्त सुबह से शाम तक शिवजी के जलाभिषेक करेंगे। वहीं रोजाना शाम 6 बजे फूलों की विशेष झांकी के दर्शन होंगे। श्रीबब्बू सेठ मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष जयप्रकाश सोमानी ने बताया कि इस बार दो श्रावण है। दोनों श्रावण माह के लिए सहस्त्रघट की बुकिंगे हो चुकी है। हर दिन दो सहस्त्रघट होंगे। श्रावण में भक्तों की की भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग—अलग कतार की व्यवस्था की गई है। मंदिर में लाइटिंग की सजावट की गई है।

चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर में तड़के से रात तक पट खुले रहेंगे। अलसुबह से ही मंदिर में भक्त शिवजी के जलाभिषेक कर सकेंगे। शाम तक ताड़क बाबा के जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं मंदिर में रोजाना शाम को विशेष झांकी के दर्शन हो रहे है। एक दिन पहले सोमवार को फलों का विशेष दरबार सजाया गया। इसके साथ ही शहर के बनीपार्क स्थित जंगलेश्वर महादेव मंदिर, झोटवाड़ा रोड स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर में भी शिवजी के जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।

श्रावण के आठ सोमवार, उमड़ेंगे श्रद्धालु
इस बार दो श्रावण होने से आठ सोमवार आएंगे। सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। मंदिरों में विशेष झांकी के दर्शन होंगे, वहीं शिवजी विविध रूपों में नजर आएंगे। प्रमुख मंदिरों में अलसुबह से ही भक्तों की कतार लगी नजर आएगी। भक्त अलसुबह से शाम तक शिवजी के जलाभिषेक कर सकेंगे।

4 जुलाई से 31 अगस्त तक श्रावण
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि इस बार दो श्रावण होने से भक्तों को 59 दिन शिवजी की विशेष आराधना को मिलेंगे। इस साल श्रावण अधिक मास है। 4 जुलाई से 31 अगस्त तक श्रावण महिना रहेगा। इस बीच 18 जुलाई से 16 अगस्त तक सावन अधिकमास रहेगा। इससे पहले दो श्रावण 2004 में आए थे, जो 18 जुलाई से 16 अगस्त 2004 तक रहे थे। अब अगला श्रावण अधिकमास 2042 में आएगा, जो 18 जुलाई 2042 से 15 अगस्त 2042 तक रहेगा। इस बार दो महीने तक भोले की भक्ति विशेष फलदायी रहेगी।

18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि सावन के महीने में 59 दिन रहेंगे। 18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास रहेगा। इस बार सावन का महीना तकरीबन दो माह का होगा। इस बार सावन में आठ सोमवार पड़ेंगे। दो महीने तक शिव भक्ति की बयार बहती रहेगी। इस दौरान शिव जी का अभिषेक, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, गंगा जल से अभिषेक किया जाएगा। साथ ही भक्त गंगा से कावंड भरकर भी लाएंगे और शिवजी को गंगा जल अर्पित करेंगे।

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श्रावण के व्रत—त्योहार
7 जुलाई - नागपंचमी
17 जुलाई - हरियाली अमावस्या, श्रावण वन सोमवार
18 जुलाई - श्रावण अधिक (पुरुषोत्तम) मास प्रारम्भ
16 अगस्त - श्रावण अधिक (पुरुषोत्तम) मास समाप्त
18 अगस्त - सिंजारा उत्सव (तीज का)
19 अगस्त - तीज का त्योहार, मेला तीज
20 अगस्त - मेला बूढ़ी तीज
22 अगस्त - कल्की जयंती, कल्याणधणी डिग्गीपुरी पदयात्रा प्रारंभ
23 अगस्त - गोस्वामी तुलसीदास जयंती
30 अगस्त - रक्षाबन्धन का त्योहार