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Shri Krishan Janmashtmi 2023: बेल्जियम के हीरे, श्रीलंका के पुखराज और वेनेजुएला के मोती से सुशोभित होंगे जयपुर के श्रीकृष्ण-बलराम

Shri Krishan Janmashtmi 2023: देशभर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास छाया हुआ है। जयपुर में आराध्य गोविददेवजी मंदिर में विशेष उत्सव हो रहा है, वहीं शहर के अन्य कृष्ण मंदिरों में भी जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन हो रहा है।

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Shri Krishan Janmashtmi 2023: बेल्जियम के हीरे, श्रीलंका के पुखराज और वेनेजुएला के मोती से सुशोभित होंगे जयपुर के श्रीकृष्ण-बलराम

Shri Krishan Janmashtmi 2023: बेल्जियम के हीरे, श्रीलंका के पुखराज और वेनेजुएला के मोती से सुशोभित होंगे जयपुर के श्रीकृष्ण-बलराम

जयपुर। देशभर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास छाया हुआ है। जयपुर में आराध्य गोविददेवजी मंदिर में विशेष उत्सव हो रहा है, वहीं शहर के अन्य कृष्ण मंदिरों में भी जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन हो रहा है।

जगतपुरा के अक्षय पात्र स्थित श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में 7 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां दो माह से की जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण बलराम को विदेशों से मंगवाए नवरत्न—हीरों से जड़ी पोशाक धारण करवाई जाएगी। यह पोशाक पिछले डेढ माह में वृंदावन में तैयार करवाई गई। इसमें रत्न व हीरे जयपुर के कारीगरों ने जड़े है।

मंदिर के अध्यक्ष अमितासन दास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्री कृष्ण बलराम मंदिर में मनाया जाने वाला वर्ष का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक उत्सव है। इस पर्व के आयोजन की महीनों से तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि वृंदावन से मंगाए गए विशेष प्रकार के चमकीले रेश्मी वस्त्र आभूषणों से युक्त पोशाकों में नवरत्न एवं हीरो की जड़ाई चार चाँद लगा देगी। जयपुर के विशेष जौहरियों द्वारा विदेश से मंगवाए गए नवरत्न एवं हीरे जयपुर में ही भगवान श्रीकृष्ण-बलराम जी की पोशाकों में जड़े गए हैं।

कहां से आए रत्न
मंदिर के अध्यक्ष अमितासन दास ने बताया कि पोशाक के लिए बेल्जियम से हीरा, मूंगा इटली से मंगवाया गया, वहीं बर्मा से माणक, कोलम्बिया से पन्ना, वेनेजुएला से मोती आए है। श्रीलंका से पुखराज और नीलम मंगवाए गए है। जबकि बाकि रत्न देश के है।

तिरुपति बालाजी की तर्ज पर पहनेंगे हार
प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी की तर्ज पर भगवान श्रीकृष्ण व बलरामजी को हार पहनाया जाएगा। इससे भगवान के दर्शन की भव्यता और बढ़ जाएगी। दिल्ली, बैंगलोर और कोलकाता से मंगवाए गए विशिष्ट रंग-बिरंगे फूलों से भगवान का श्रृंगार होगा।

1200 चांदी के कलशों से 4 बार होगा महाअभिषेक
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का दिन में 4 बार 1200 चांदी के कलशों से महाअभिषेक होगा, वहीं मध्यरात्रि में महाआरती का आयोजन होगा। मंदिर में तड़के 4.30 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे। पहला महाअभिषेक सुबह 6.30 बजे होगा। इसके बाद दूसरा महाअभिषेक सुबह 11 बजे होगा। वहीं तीसरा अभिषेक शाम 4.30 बजे होगा। जबकि चौथा अभिषेक रात 10 बजे होगा। अभिषेक में दिनभर में चांदी के 1200 कलशों से अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक में 51 तरह के फलों के ज्यूस, 21 तरह की औषधियों का रस के अलावा नारियल पानी, पंचामृत के साथ 100 प्रकार के दिव्य द्रव्य सहित पंचगव्य शामिल होंगे। मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती का आयोजन होगा।

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मंदिर में 5 स्थानों पर होंगे दर्शन
जन्माष्टमी पर आने वाले भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण व बलरामजी के दर्शन पांच जगहों से होंगे।