18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शुक्र की राहु के साथ युति, कल मंगल का शत्रु राशि मिथुन में प्रवेश, अशुभ फल से बचने के लिए करें ये काम

Shukra Gochar 2023 : सौंदर्य एवं विलासिता के कारक ग्रह शुक्र ने आज सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर अपनी सम राशि मेष में प्रवेश किया। इसके साथ उनकी राहु से युति हुई, साथ ही शनि की दृष्टि भी पड़ेगी।

2 min read
Google source verification
शुक्र की राहु के साथ युति, कल मंगल का शत्रु राशि मिथुन में प्रवेश, अशुभ फल से बचने के लिए करें ये काम

शुक्र की राहु के साथ युति, कल मंगल का शत्रु राशि मिथुन में प्रवेश, अशुभ फल से बचने के लिए करें ये काम

जयपुर। सौंदर्य एवं विलासिता के कारक ग्रह शुक्र ने आज सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर अपनी सम राशि मेष में प्रवेश किया। इसके साथ उनकी राहु से युति हुई, साथ ही शनि की दृष्टि भी पड़ेगी। ऐसे में आने वाला समय शुभ फलदायक नहीं होगा। शुक्र 6 अप्रेल तक मेष राशि में रहेंगे।

ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रमोहन दाधीच ने बताया कि शुक्र की मेष में राहु के साथ युति होने से शुक्र निर्बल रहेंगे, जो अशुभ फलदायक होंगे। अत: शुक्र भौतिक सुख आदि व अपने कारक विषयों में अच्छे फलदायक नहीं रहेंगे। खासकर सफेद वस्तुओं में मंदी आएगी। दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। चारे के उत्पान की कमी आएगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रमोहन दाधीच ने बताया कि शुक्र का अपनी सम राशि में प्रवेश करने से
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु, मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा। वहीं वृष, कन्या, मकर राशि के जातकों के लिए अशुभ फलदायक रहेगा। शेष सभी राशियों के लिए सामान्य फलदायक रहेगा। उन्होंने बताया कि शुक्र के अशुभ फल से बचने के लिए सफेद वस्त्रों का दान करें। वहीं देवी की आराधना करना अच्छा रहेगा।

13 मार्च को मिथुन राशि में होगा मंगल का प्रवेश
मंगल 13 मार्च को सुबह 5 बजकर 02 मिनट पर अपनी शत्रु राशि मिथुन में प्रवेश कर रहे है। मंगल ग्रह वृष राशि को छोड़कर मिथुन में प्रवेश करेंगे, जो 10 मई तक मिथुन में रहेंगे। ज्योतिषाचार्य दाधीच ने बताया कि मंगल का मिथुन राशि में आना भी शुभफलदायक नहीं होगा। इस दौरान व्यापारियों व प्रोपट्री वालों के लिए ये शुभ नहीं रहेगा। वहीं भूमि के साथ सीमा विवाद के हालात भी बन सकते है।

यह भी पढ़े : सम्मेद शिखर के लिए 1400 श्रद्धालु रवाना, क्या बोले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया

15 मार्च को राहु के नक्षत्र शतभिषा में गोचर करेंगे शनिदेव
न्याय के देवता शनिदेव 15 मार्च को सुबह 11:40 बजे शतभिषा नक्षत्र के पहले चरण में प्रवेश करेंगे। यहां शनिदेव 17 अक्टूबर तक गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मफल दाता और न्याय का स्वामी माना जाता है। शनि अपने गोचर में जिस भाव से गुजरते हैं, उसके जुड़े संघर्ष बढ़ा देते हैं। शनि अपने मित्र राहु के नक्षत्र शतभिषा में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में शनि के फलों में वृद्धि होगी।