
SI Paper Leak Case Update : राजस्थान में पेपर लीक के सहारे नौकरी पाने के बाद एसओजी की गिरफ्त में आए थानेदारों के खिलाफ अब विभागीय कार्रवाई होगी। जिसके बाद सभी की बर्खास्तगी भी संभव है। यह निर्णय सोमवार को डीजीपी यूआर साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया। कार्रवाई को लेकर कानूनी राय भी ली जाएगी।
बैठक में कई अधिकारी मौजूद थे। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा वर्ष 2021 में 13, 14 व 15 सितम्बर को हुई थी। इस मामले में एसओजी ट्रेनिंग ले रहे 32 थानेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले बीकानेर पुलिस ने 13 सितम्बर 2021 को ही एक स्कूल संचालक व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लीक पेपर बरामद किया था।
वर्ष 2021 की एसआई भर्ती परीक्षा से नौकरी पाने वाले सभी थानेदारों की आरपीए ने फाउंडेशन कोर्स पूरा होने के साथ ही परीक्षा ली थी। थानेदारों की गिरफ्तारी के साथ ही इस परीक्षा का परिणाम भी अटक गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस परीक्षा में फेल होने वाले भी नौकरी से हाथ धो सकते हैं। एसओजी ने पेपर लीक व डमी अभ्यर्थी बैठाकर पास होने के मामले में गिरफ्तार 11 प्रशिक्षु थानेदार व जोधपुर कमिश्नरेट के कांस्टेबल को रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को वापस चार दिन के रिमांड पर एसओजी को सौंप दिया।
यह भी पढ़ें : कभी हां- कभी ना में कांग्रेस की फजीहत! बांसवाड़ा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी लड़ेंगे चुनाव, गठबंधन का क्या होगा?
बैठक में भर्ती रद्द करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। यह कहा गया कि यह मामला सरकार स्तर का है। बैठक में तफ्तीश के विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी का डीन कौशल किशोर चन्द्रुल नौकरी के लिए अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्री दे रहा था। एसओजी एटीएस के एडीजी वी. के. सिंह ने बताया कि एसओजी ने सोमवार को जयपुर निवासी चन्दुल को गिरफ्तार किया। मेवाड़ विवि से फर्जी डिग्री देने के मामले में पिछले दिनों दो युवतियों को गिरफ्तार किया था। मामले में चन्द्रुल की भूमिका संदेह के घेरे में आई थी।
यह भी पढ़ें : राजस्थान में 25 में से 2 पर त्रिकोणीय और 23 पर सीधी टक्कर, ये 6 MLA बनेंगे MP?
Published on:
09 Apr 2024 09:39 am

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
