
सोशल मीडिया ने कम की गानों और कलाकारों की उम्र - सोफी चौधरी
जयपुर।' बाबू छैल छबीला'..,'एक परदेसी मेरा दिल ले गया'..,'हंगामा हो गया'... जैसे पॉपुलर एलबम्स के बाद अब पॉप दीवा और एक्ट्रेस सोफी चौधरी अपने नए ब्लॉकबस्टर गाने 'गोरी है' के गानों पर ठुमकती दिखी। शनिवार को शहर के वैशाली नगर स्थित एक सैलून में अपने नए एलबम के प्रमोशन के लिए पहुंची सोफी और वीडियो डायरेक्टर लोवल अरोड़ा ने एलबम से जुड़े अनुभव साझा किए।
सोफी ने बताया कि इस सॉन्ग से आज का युवा काफी कनेक्ट कर रहा है, लॉन्च से तीन हफ्तों में ही म्यूजिक वीडियो को यूट्यूब 17 मिलियन लोगों ने देखा है। अमिताभ बच्चन और जया प्रदा पर फिल्माएं गाने गोरी है कलाइयां अपने दशक का पसंदीदा गाना रहा है और आज भी इस गानें को लोग काफी पसंद करते हैं। इस गानों को सुनकर मुझे लगा कि इस गाने को आज के युवाओं से कनेक्ट करना चाहिए। इस गाने की भव्यता को देखते हुए मैंने इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की सिर्फ इस गाने की हुक लाइन का ही इस्तेमाल किया है।
उन्होंने कहा कि आज जिस तरह की फिल्में बन रही हैं उसमें ऑडियंस का रुख देखते हुए फिल्मों में एक-दो ही गाने होते हैं। इनमें भी लिप सिंक जैसे गीत बहुत कम हो गए हैं। अब गीत 30 सेकंड से ज्यादा याद ही नहीं रहते। मगर पुराने गीतों की भावना, उनकी महक लोगों को अभी भी बहुत भाती है। यही कारण है कि मैं पुराने गीता को नए अंदाज में लोगों तक पहुंचा रही हूं। पुरानी फिल्मों के मधुर गीतों के अंश लेकर नए गीत और वीडियो बनाने का मेरा काम मुझे अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया से कलाकार की पहुंच बहुत व्यापक हो गई है हालांकि गानों और फिल्मों की जिंदगी भी बहुत कम हो गई है। कलाकार और गीत जितनी जल्दी प्रसिद्ध होते हैं उतनी ही जल्दी भुला भी दिए जाते हैं।
Updated on:
24 Sept 2022 06:28 pm
Published on:
24 Sept 2022 05:49 pm
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