
मॉब लिंचिंग पर अब आया सिंघवी का बयान, इशारों-इशारों में साधा देश के नंबर एक व्यक्ति पर निशाना
शादाब अहमद / जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि देश में खुद को नंबर वन बताने वाले व्यक्ति यदि स्पष्ट संदेश दें तो मॉब लिंचिंग महज कुछ ही दिनों में बंद हो सकती है। कानून बनाने से कोई ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
सिंघवी ने यह बात शनिवार को एक होटल में राइट सर्किल कार्यक्रम के तहत उनकी पुस्तक स्ट्रेट टॉक की वैदही सिंह से चर्चा के दौरान कहीं। इस दौरान एक श्रोता ने उनसे मॉब लिंचिंग को लेकर सवाल किया, जिस पर सिंघवी ने कहा कि भारत में कुछ भी नहीं बदला, लोग, ढांचा, समुदाय और झगड़े वही के वही है, फिर पिछले चार सालों में मॉब लिंचिंग क्यों बढ़ गई। यह एक सोच और भावना से होता है, मॉब लिंचिंग कर दो फिर हम देख लेंगे। जब मंत्री, सांसद, विधायक भत्र्सना योग्य वक्तव्य रोजाना देंगे तो फिर ऐसा ही माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि शासन का भय दिखाना होगा, जो कि नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग देश को उच्चतर स्तर पर बैठे और खुद को नंबर वन बताने वाले व्यक्ति के स्पष्ट संदेश से रुकेगी। जब स्पष्ट संदेश पांच बार भेजेंगे तो मॉब लिंचिंग एक महीने में बंद हो जाएगी।
राजनीति, न्यायपालिका, मीडिया में सुधार की जरूरत
सिंघवी ने अपनी पुस्तक में राजनीति, न्यायपालिका और मीडिया में सुधार की जरूरत की बताई है। उन्होंने कहा कि आज समझ कम सनसनी ज्यादा फैलाई जा रही है। वहीं न्यायपालिका में जजों के पद खाली है तो फिर कैसे तुरंत न्याय मिलेगा। सरकार दो महीनों में निर्णय नहीं कर रही है, बल्कि जजों के नामों को बार-बार लौटाती है। सरकार बार-बार न्यायपालिका को चुनौती देगी तो इस गंभीर मुद्दों का हल कैसे निकलेगा।
सीएम कौन, इससे कोई सरोकार नहीं
राजस्थान में मुख्यमंत्री के लिए अशोक गहलोत का नाम चलाने के लिए कुछ नेताओं के बयान पर सिंघवी ने पत्रिका से कहा कि आज हमारे लिए यह मुद्दा नहीं है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। हम एकजुट होकर चुनाव में जा रहे हैं और हमारी जीत निश्चित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की रीति-रिवाज के अनुसार मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव के बाद होता है। पहले भी हुआ है और इस बार भी होगा। आज हार को देखते हुए भाजपा द्वारा इस तरह की अफवाह फैलाई जा रही है।
इन्होंने भी किया संबोधित
श्री सीमेन्ट के राहुल कपूर, तृष्टि स्याही, प्रभा खेतान फाउंडेशन की विन्नी कक्कड़, मीता कपूर ने विचार रखे।
Published on:
28 Jul 2018 09:38 pm
