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राज्य में ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा ‘ जैसे हालात: राठौड़

बिजली की अघोषित कटौती और फ्यूल चार्ज बढ़ोतरी के मामले में विपक्ष का हंगामा, सदन से किया बहिर्गमन

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राज्य में 'अंधेर नगरी, चौपट राजा ' जैसे हालात: राठौड़

राज्य में 'अंधेर नगरी, चौपट राजा ' जैसे हालात: राठौड़

जयपुर. विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के जरिए भाजपा विधायकों ने प्रदेश में बिजली कटौती, फ्यूल चार्ज में बढ़ोतरी, बिजली के बेतहाशा बिलों को लेकर सरकार को घेरा। विधायकों ने वेल में आकर नारे लगाए और सदन से बहिर्गमन कर दिया। नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने तो सरकार पर यह आरोप लगा दिया कि फ्यूल चार्ज के रूप में जो राशि ली जा रही है, वो अडानी को दी जा रही है। प्रदेश में अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे हालात हो रहे हैं।राठौड़ ने कहा कि फ्री बिजली के नाम पर आम जनता के साथ लूट खसोट हो रही है। बिजली तो आ नहीं रही, लेकिन बिजली फ्री देने के विज्ञापन पर सरकार ने जरूर 62 करोड़ रुपए खर्च कर डाले। हाल में प्रदेश के 1 करोड़ 4 लाख उपभोक्ताओं को तीन डिस्कॉम ने मई और जून के बिल जारी किए हैं। इन बिलों में डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं से 45 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज और 7 पैसे अडानी पावर प्रोजेक्ट की ओर से इंडोनेशिया से महंगा कोयला खरीदने पर स्पेशल फ्यूल सरचार्ज के नाम पर यानी 54 पैसे प्रति यूनिट लिया गया। इसके साथ 1476 करोड़ रुपए की राशि उपभोक्ताओं से वसूल कर राहत की जगह आहत करने का काम किया है। महाराष्ट्र के बाद राजस्थान में सबसे महंगी बिजली उद्योगाें को मिल रही है। इस वजह से उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं। रियायत एक माह के बिल में दी जा रही है। इस बार ऐसा खेल किया गया कि बिल एक की जगह डेढ से दो माह में दिए जा रहे हैं, जिससे रियायतें मिल ही नहीं रही।

भाजपा विधायक कन्हैया लाल, चन्द्रभान सिंह आक्या, कल्पना देवी, जोगेश्वर गर्ग, राम लाल शर्मा, अविनाश, हमीर सिंह भायल, रामप्रताप कासनियां ने भी बिजली को लेकर सरकार को घेरा। विधायकों ने कहा कि बिजली फ्री की बात की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि सात से आठ घंटे तक तो बिजली आ ही नहीं रही है।