
Jal Jeevan Mission : राज्य में नई सरकार बनने के चार महीने बाद भी जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत जल कनेक्शन की रफ्तार नहीं बढ़ी है। चार दिन पहले जलदाय सचिव डॉ.समित शर्मा ने योजना को लेकर समीक्षा की। चार घंटे चली बैठक का ब्योरा घमासान के रूप में बाहर आया। मिशन को संभाल रही इंजीनियरों की टीम पूरी तरह फेल नजर आई। गुजरात में चुनाव ड्यूटी में गए जेजेएम एमडी बचनेश अग्रवाल को वीसी के जरिये समीक्षा बैठक में जोड़ना पड़ा। जल कनेक्शन की रफ्तार देख डॉ.शर्मा उखड़ गए और यहां तक कह दिया कि अब भी हालात नहीं सुधरे तो पूरे देश में राजस्थान 34वें नंबर पर होगा।
बैठक में डॉ.समित शर्मा ने कहा कि जयपुर रीजन में जल कनेक्शन की रफ्तार बेहद धीमी हैं। जबकि सबसे ज्यादा संसाधन, बजट और इंजीनियरों की फौज जयपुर रीजन में ही है। जयपुर ग्रामीण में तैनात इंजीनियरों की लचर मॉनिटरिंग के कारण कनेक्शन जारी करने की रफ्तार कम हैं। रविवार को जयपुर रीजन में महज 13 जल कनेक्शन जारी हुए। जयपुर रीजन में मौजूदा वर्ष में 2 लाख 13 हजार जल कनेक्शन होने हैं। यहां अभी तक केवल 2550 जल कनेक्शन जारी हुए हैं।
जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के प्रयासों से जल शक्ति मंत्रालय ने जेजेएम की समय सीमा एक वर्ष बढ़ाई है। लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिदिन 8 हजार कनेक्शन जारी करने की जरूरत है। लेकिन, प्रतिदिन 3 हजार या इससे कम कनेक्शन ही हो रहे हैं।
जेजेएम में जल कनेक्शन की रैंकिंग के हिसाब से देश में गोवा पहले नंबर पर है। यहां 2 लाख 63 हजार लक्ष्य के मुकाबले 100 प्रतिशत जल कनेक्शन हो चुके हैं। राजस्थान के पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश में भी 100 प्रतिशत जल कनेक्शन हो चुके हैं। राजस्थान आज भी देश में मिशन के तहत कनेक्शन जारी करने में 33वें नंबर पर है। हांलाकि, राजस्थान में जल कनेक्शन की राह में पानी की कमी बड़ी बाधा बन कर सामने आई है। इसलिए, तत्कालीन कांग्रेस सरकार में जलदाय मंत्री रहे महेश जोशी भी केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के रैंकिंग सिस्टम पर लगातार सवाल उठाते रहे।
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Updated on:
30 Apr 2024 09:40 am
Published on:
30 Apr 2024 09:22 am
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