
फ्रांस में गिरा उल्कापिंड, कुछ पल के लिए रात को हो गया दिन
पेरिस. फ्रांस में एक उल्कापिंड गिरने से कुछ पल के लिए रात को दिन जैसा नजारा देखने को मिला। उल्कापिंड इतना चमकीला था कि इसकी रोशनी बेल्जियम और नीदरलैंड्स से लेकर ब्रिटेन तक देखी गई। अंतरराष्ट्रीय उल्का संगठन के मुताबिक, 'सार-2667' (सीएक्स-1) नाम के इस उल्कापिंड गिरने की चेतावनी पहले ही दे दी गई थी। इसलिए किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
यूरोपीय स्पेस एजेंसी के मुताबिक, उल्कापिंड भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह 8:29 बजे पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हुआ। उस समय फ्रांस में रात थी। चेतावनी को लेकर वहां के लोगों में दहशत थी। पृथ्वी के वायुमंडल में आते ही उल्कापिंड टूट कर बिखरने लगा। लोगों को लगा, जैसे आसमान से कोई आग का गोला गिर रहा हो। उल्कापिंड फ्रांस के रूएन शहर में उसी जगह गिरा, जहां इसके गिरने की आशंका जताई गई थी। इस इलाके के लोग पहले से अलर्ट थे। कई लोगों ने गिरते हुए उल्कापिंड का वीडियो बनाया।
इन्हीं से हुआ था डायनासोर का खात्मा
अंतरराष्ट्रीय उल्का संगठन ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, 'चांद के करीब बेहद चमकीली रोशनी देखी गई। उल्कापिंड एक मीटर व्यास का था। यह पृथ्वी के लिए खतरा नहीं था।' डायनासोर का खात्मा पृथ्वी पर उल्कापिंड गिरने से हुआ था। इसलिए खगोलविद उल्कापिंड का पता लगाने और उनसे बचने के तरीकों पर लगातार शोध कर रहे हैं।
पूर्व सूचना वाला सातवां उल्कापिंड
उल्कापिंड का पता लगाने की क्षमताओं का काफी विकास हुआ है। सीएक्स-1 ऐसा सातवां उल्कापिंड है, जिसके बारे में पृथ्वी पर टकराने से पहले ही पता चल गया था। पिछली बार 19 नवंबर, 2022 को कनाडा के टोरंटो में उल्कापिंड गिरा था। इसके बारे में चार घंटे पहले अलर्ट जारी किया गया था।
Published on:
14 Feb 2023 12:17 am
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