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चांदी की आंधी में उड़े छोटे व्यापारी, निर्यात ऑर्डर को पूरा करने में भी लग रही जमा पूंजी

चांदी ने 77,000 रुपए प्रति किलो का स्तर कायम कर लिया है। पिछले एक साल में चांदी 12,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक उछल गई है।

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चांदी की आंधी में उड़े छोटे व्यापारी, निर्यात ऑर्डर को पूरा करने में भी लग रही जमा पूंजी

चांदी की आंधी में उड़े छोटे व्यापारी, निर्यात ऑर्डर को पूरा करने में भी लग रही जमा पूंजी

चांदी ने 77,000 रुपए प्रति किलो का स्तर कायम कर लिया है। पिछले एक साल में चांदी 12,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक उछल गई है। अगर, पिछले तीन सालों की बात करें तो, चांदी के दाम दोगुने से भी ज्यादा हो चुके हैं। इसी तेजी ने निवेशकों को भले ही मालामाल कर दिया होगा, लेकिन जयपुर में चांदी से जुड़े आधे व्यापारी इस तेजी की आंधी में उड़ गए। खासतौर पर चांदी के निर्यात से जुड़े छोटे व्यापारियों की हालत खराब हो गई हैं। आंकड़ों की बात करें, तो करीब 30 फीसदी यानी 500 व्यापारियों की दुकाने बंद हो चुकी हैं।

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ये है कारण

विदेशों से यहां के व्यापारियों को एकमुश्त ऑर्डर मिलते हैं, जिन्हें ये छह महीने या सालभर में पूरा करते हैं। लेकिन, ऑर्डर मिलने के बाद चांदी की कीमतों में लगातार तेजी आई है। पूर्व के ऑर्डर पूरे करने के लिए इन्हें महंगी चांदी खरीदनी पड़ रही है। इससे मार्जिन तो गया ही साथ ही, खुद की लागत भी साफ हो गई। इस भारी घाटे को बड़े व्यापारी तो झेल गएए लेकिन छोटे व्यापारी कारोबार बंद करने की स्थिति में आ गए हैं।

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निर्यात में तेजी जारी

जयपुर सर्राफा बाजार कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने बताया कि चांदी के भाव 77 हजार रुपए तक पहुंच गए है पर निर्यात ऑडर्र तो पूरे करने ही पड़ेंगे। इसमें 20 से 25 फीसदी का नुकसान हो रहा है। पर ऑर्डर रद्द किए तो आगे काम मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा नुकसान ब्रांडेड ज्वैलरी बेचने वाले छोटे व्यापारियों को हुआ है।

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