5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Smart Village: विशेष ग्राम सभाएं और 15 मई तक मास्टर प्लान अपलोड का लक्ष्य, जीआईएस मैपिंग और सर्वे कार्य में तेजी

Urban Ward Development: विकसित ग्राम/वार्ड अभियान की समीक्षा, 25 अप्रैल तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश। 25 अप्रेल तक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के निर्देश, अभियान में तेजी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Rajesh Dixit

•

Updated: 24 Apr 2026, 9:44 AM IST

Mukhyamantri Viksit Gram Yojana: जयपुर. मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान की प्रगति को लेकर गुरुवार को शासन सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन और पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर चल रही सभी प्रक्रियाएं 25 अप्रेल तक हर हाल में पूर्ण की जाएं।

बैठक में अभियान के तहत चल रहे बेसलाइन सर्वे, डेटा एंट्री, जीआईएस मैपिंग और मास्टर प्लान तैयार करने की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को समय-सीमा का सख्ती से पालन करते हुए अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देने को कहा गया।

डेटा गुणवत्ता और तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

शासन सचिव रवि जैन ने निर्देश दिए कि डेटा संकलन, एंट्री और जीआईएस मैपिंग समय पर पूरी हो तथा उसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एसएसओ आईडी मैपिंग और रिपोर्टिंग मॉड्यूल के प्रभावी उपयोग पर बल दिया।

इसके साथ ही ब्लॉक और शहरी निकाय स्तर पर डेटा की नियमित जांच, ग्राम/वार्ड सभाओं और फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। सांख्यिकी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ई-ग्राम सहित उपलब्ध डेटा का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।

फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पडेस्क स्थापित करने और प्रत्येक 4–5 ग्राम पंचायत या वार्ड के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्य में गति और पारदर्शिता बनी रहे।

इस अभियान की शुरुआत 19 मार्च को की गई

डॉ. जोगा राम ने 25 अप्रैल तक सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम और वार्ड स्तर पर लोगों की आकांक्षाओं को सही और व्यापक तरीके से दर्ज किया जाए। इसके लिए मैन्युअल एंट्री का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

कमजोर प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए ब्लॉक स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने और लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

उल्लेखनीय है कि इस अभियान की शुरुआत 19 मार्च को की गई थी, जिसका उद्देश्य विकास को जन आंदोलन का रूप देना है। इसके तहत स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार डायनेमिक मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। सरकार ने 15 मई तक सभी मास्टर प्लान पोर्टल पर अपलोड करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे गांव और शहरों के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।