19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पर्ची कटाने के लेकर डिस्चार्ज तक की प्रकिया होगी डिजिटल

एसएमएस में स्टॉफ, मरीज और परिजनों की भागदौड़ खत्म करने के लिए कवायद प्रशासन ने किया साफ्टवेयर तैयार, वार्ड इंचार्ज की टे्रनिंग शुरू

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jaya Gupta

Jan 11, 2018

sms hospital


जयपुर . एसएमएस अस्पताल में मरीज और परिजनों की भागदौड़ खत्म करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। अस्पताल में उपचार के लिए पर्ची कटाने से लेकर मरीज की डिस्चार्ज प्रक्रिया को डिजिटल किया जा रहा है। यानी अस्पताल में इलाज की पूरी प्रक्रिया ऑन लाइन हो जाएगी। इसका फायदा यह रहेगा कि मरीज के परिजन को जगह-जगह कांउटर पर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए साफ्टवेयर भी तैयार करवाया है। जिसमें २५ से अधिक प्रक्रिया को शामिल किया गया है। अस्पताल में कैपिसिटी बिल्डिंग स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम ऑफ नर्सेज कार्यक्रम में डिजिटल सेेंशन को शामिल कर लिया गया है। जिसके तहत वार्ड इंचार्ज को डिजिटल प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी जा रही है। अस्पताल के तकरीबन ७० से अधिक वार्ड इंचार्ज और सैकंड वार्ड इंचार्ज एक घंटे इसकी ट्रेनिंंग ले रहे हैं।


दवाई, जांच वार्ड में ही मिलेगी
डिजिटल प्रक्रिया के तहत मरीज अपनी पर्ची ऑनलाइन कटवा सकेगा।
डॉक्टर को दिखाने के बाद वार्ड में फाइल तैयार कागजों में नहीं होगी।
मरीज की सारी जानकारी ऑन लाइन फीड होगी।
दवाई के लिए मरीज की जानकारी सीधे डीडीसी दुकानों पर भेज दी जाएगी
जांच की जानकारी भी ऑनलाइन फीड की जाएगी
वार्ड में ही दवाई और जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।
मरीज की डाइट के हिसाब से खाना मिल सकेगा।
डिस्चार्ज टिकिट ऑन लाइन के वार्ड में मिलेगा
फिलहाल यह हो रहा
पर्ची कटाने से लेकर वार्ड में मरीज के भर्ती पर दवाई, जांच और अन्य कागजी खानापूर्ति के लिए मरीज के परिजन को अस्पताल में इधर-उधर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यहां तक नर्सिंग स्टॉफ भी फाइलों को लेकर घूमते हैं। पूरी प्रक्रिया के बाद भागदौड़ खत्म हो जाएगी।


अब सप्ताह में दो बार चल रहा कार्यक्रम
अस्पताल में कैपिसिटी बिल्डिंग स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम ऑफ नर्सेज कार्यक्रम की शुरूआत सितंबर २०१७ से की गई थी। इसमें नर्सिंग और मरीजों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और मरीजों के बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए एक दर्जन से अधिक सेंशन चलाए जा रहे हैं। पहले यह कार्यक्रम वार्ड इंचार्ज के लिए सप्ताह में एक बार चलाया जाता था। अस्पताल प्रशासन ने अब इस कार्यक्रम में डिजिटल, क्रिटिकल केयर, इमरजेंसी के सेंशन भी शुरू किए हैं। इस कार्यक्रम को अब सप्ताह में दो बार चलाया जा रहा है।
ये सेंशन भी चल रहे
-नर्सिंग मैनेंजमेंट ऑफ वर्किंग प्लेस
-रिस्पॉसिबिलिटी ऑफ नर्सेज, एंड गुड सैमेरिटन(जिम्मेदार और नेक आदमी बनाना)
-बीएलएस -सीपीआर
-प्राइमरी एंड सैंकेडरी एसेसमेंट एंड नर्सिंग मैनेजमेंट
-इंटरपर्सनल रिलेशनशिप-नर्स, डॉक्टर एंड पेसेंट
-बायो मेडिकल वेस्ट

अस्पताल के वार्ड इंचार्ज की ट्रेनिंग दी जा रही है। ये मुख्य रूप से इस प्रक्रिया का हिस्सा रहेंगे। डिजिटल प्रक्रिया के बाद अस्पताल में मरीज और स्टॉफ दोनों पर भार कम हो जाएगा। फिलहाल सॉफ्टवेयर पर काम चल रहा है। कई चीजें शामिल की जा रही है।
डीएस मीणा, अधीक्षक एसएमएस अस्पताल