
जयपुर। एसएमएस अस्पताल ( sms hospital ) के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर जीवन कांकरिया ( Doctor Jeevan Kankaria ) ने चौथी बार गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया है। सीकर निवासी सात माह की बेबी ईशानी चौधरी के पित्त की थैली में कई पथरी थी। इनमें से एक पथरी पित्त नली में फंस गई। इसकी वजह से पित्त की थैली (गाल ब्लैडर) में छेद हो गया था। डॉ. कांकरिया ने ऑपरेशन कर पित्त की नली से स्टोन निकाला फिर पित्त की थैली को निकालने में सफलता हासिल की। छह घंटे बाद ही बच्चे को मां का दूध शुरू कर दिया गया। डॉ. कांकरिया का दावा है कि अभी तक इस तरह का केस किसी जर्नल में नहीं है।
डॉ. कांकरिया ने गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड के दफ्तर में 15 सितंबर को रेकॉर्ड की दावेदारी पेश की। एक महीने पहले टीम आई। इसके बाद 3 जनवरी को रेकॉर्ड की पुष्टि की। कांकरिया ने वर्ष 2012 में 25.8 सेमी सबसे लंबी पित्त की थैली निकाल पाकिस्तान के डॉ. मोहम्मद नईम का रिकॉर्ड तोड़ा था।
यह थी चुनौती
ईशानी के पित्त की थैली में कई पथरी थीं। साथ ही पित्त की थैली से जुड़ी पित्त नली में भी पथरी फंसी हुई थी। जिस कारण उसको पीलिया हो गया था। डॉ. कांकरिया ने बताया कि ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती एनेस्थिसिया था, क्योंकि इस उम्र में बच्चों में जब लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस से पेट फुलाया जाता है, इससे बच्चे के दिल में कमजोरी आने का डर रहता है एवं लेप्रोस्कोपिक उपकरणों से काम करना मुश्किल होता है, लेकिन एसएमएस अस्पताल की विशेषज्ञ एनेस्थिेटिक टीम की मदद से ऑपरेशन किया गया।
यह भी हैं रेकॉर्ड
- 29 नवंबर 2012 को जयपुर निवासी सुमन का 25.8 सेमी का गाल ब्लैडर निकालकर पाकिस्तान के मोहम्मद नईम ताज का (25.5 सेमी) रेकॉर्ड तोड़ा।
- 27 मई 2015 को सीकर निवासी दो साल के मजहर खान का गाल ब्लैडर निकालकर अमरीका के डॉक्टर का रिकॉर्ड तोड़ा। अमरीका के डॉक्टर ने चार सल के बच्चे का गाल ब्लैडर निकाला था।
- 10 अगस्त 2016 को सरोज का 30 सेमी का गाल ब्लैडर निकाल खुद का रिकॉर्ड तोड़ा।
Updated on:
06 Jan 2020 08:54 am
Published on:
06 Jan 2020 08:51 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
