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एसएमएस अस्पताल के रेजीडेंट्स ने खोला मोर्चा, आज दो घंटे कार्य बहिष्कार, कल से काम बंद!

जेकेलोन अस्पताल में मासूम बच्चे की मौत के बाद आरोपित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई न होने से गुस्साए परिजनों ने रविवार को अस्पताल में हंगामा कर दिया था...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Jun 15, 2018

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जयपुर। जेकेलोन अस्पताल में रविवार को वार्ड में घुसकर हंगामा करने वालो के खिलाफ कार्यवाही को लेकर एसएमएस अस्पताल के रेजीडेंट्स ने भी मोर्चा खोल दिया है। रेजीडेंट्स ने विरोध जताते हुए आज सुबह 8 से 10 बजे तक का कार्य बहिष्कार रखा है। हालांकि इमरजेंसी और आईसीयू को कार्य बहिष्कार से दूर रखा गया है। जार्ड अध्यक्ष डॉ रवि जाखड ने बताया कि आज 10 बजे बाद कॉलेज प्राचार्य से मिलकर ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं आज शाम तक अगर सरकार जेकेलोन अस्पताल में घुसकर हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करती है तो कल से रेजीडेंट्स काम का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे। अभी मरीजों की परेशानी को देखते हुए दो घंटे का ही कार्य बहिष्कार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जेकेलोन अस्पताल में मासूम बच्चे की मौत के बाद आरोपित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई न होने से गुस्साए परिजनों ने रविवार को अस्पताल में हंगामा कर दिया था। परिजन पहले तो मोतीडूंगरी थाने गए जहां पर आरोपित चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया, इसके बाद रैली निकालते हुए अस्पताल आए। आक्रोशित बच्चे के परिजनों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान परिजन उग्र हो गए और अस्पताल परिसर में घुस आए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वार्ड तक जा पहुंचे। इस दौरान पूरे अस्पताल परिसर में अफरा—तफरी मच गई।

हंगामे के चलते वार्डों में भर्ती बच्चे भी सहम गए और रोने लगे थे। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने नजारा देखते गए। हंगामा बढऩे और प्रशासन के प्रदर्शनकारियों को रोकने के निर्देशों के बाद सुरक्षा कमियों ने वार्ड का गेट बंद कर दिया था। गुस्साए परिजनों ने गार्डों से भी धक्का मुक्की की और वार्ड में घुस गए और धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्य बीमार बच्चों के परिजनों को भी अस्पताल में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। बाद में मोतीडूंगरी थाना पुलिस के आने के बाद प्रदर्शनकारियों को अस्पताल से बाहर निकाला गया। इस मामले में थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

उधर जयपुरिया अस्पताल में नर्सिंगकर्मी और रेजीडेंटस के बीच हुआ विवाद शुक्रवार शाम तक भी नहीं थमा है। रेजीडेंट्स से दिन भर समझाईश की गई लेकिन वे काम पर नहीं लौटे। जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। अस्पताल मे रेजीडेंटस नहीं होने से शुक्रवार को कई बडे ऑपरेशन टाल दिए गए। इमरजेंसी से लेकर वार्डो तक में अफरा तफरी मची रही। हांलाकि इमरजेंसी में भी वरिष्ठ चिकित्सकों को लगाया गया और वार्डों में भी उनकी तैनाती की गई। लेकिन व्यस्थाएं लगातार पटरी से उतरती रहीं। अस्पताल अधीक्षक डॉ रेखा सिंह ने बताया कि रेजीडेंटस से लगातार समझाइश चल रही है लेकिन वे कार्य बहिष्कार पर अडे हुए हैं।