
आरसीए को झटका, बीसीसीआई का होगा सवाई मानसिंह स्टेडियम
जयपुर. हाईकोर्ट ने शुक्रवार से शुरू हुए खेल सत्र के दौरान खेल गतिविधियों के आयोजन के लिए जयपुर स्थित सवाई मानसिंह स्टेडियम बीसीसीआई को सौंपने की अनुमति दे दी है। वहीं उम्र पार चयनकर्ता बदलने के लिए बीसीसीआई से नाम मांगे हैं। अब सुनवाई 31 अगस्त को होगी। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव की लड़ाई का खामियाजा खिलाडिय़ों को भुगतान पड़ रहा है।
न्यायाधीश मनीष भण्डारी ने शुक्रवार को जयपुर जिला किक्रेट संघ की याचिका पर सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के बजट के दुरुपयोग और पैसा खिलाडिय़ों के बजाय पदाधिकारियों पर खर्च होने पर भी टिप्पणी की। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से सीपी जोशी के जरिए पेश प्रार्थना पत्र में कहा गया कि सहकारिता रजिस्ट्रार के पास चल रही कार्यवाही से सम्बन्धित दस्तावेज रिकॉर्ड पर लिए जाएं और इस कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि सहकारिता रजिस्ट्रार की कार्यवाही का परिणाम आने दिया जाए। आवश्यक हुआ तो महालेखाकार से दस्तजावेजों का परीक्षण करा लिया जाएगा।
बीसीसीआई को अनुमति
बीसीसीआई की ओर से कहा कि 24 अगस्त से 2018-19 खेल सत्र शुरू हो गया है। इसमें राजस्थान को खेलों में प्रतिनिधित्व चाहिए तो स्टेडियम व सुविधाएं देनी होंगी। बीसीसीआई भुगतान करने को तैयार है। जो पैसा खर्च होगा, उस पर आरसीए से बात कर ली जाएगी। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी। बीसीसीआई ने यह भी कहा, कोर्ट ने जिन चयनकर्ताओं को जिम्मेदारी दी है, उनमें कुछ की उम्र अधिक हो चुकी है।
यह भी कहा
कोर्ट ने खिलाडिय़ों का ध्यान नहीं रखे जाने पर टिप्पणी की कि खिलाडिय़ों को आइपीएल के पास भी कोर्ट के दखल से दिए गए। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव साथ काम नहीं करना चाहते। इसका खामियाजा खिलाडिय़ों को भुगतना पड़ रहा है। आरसीए में चाहे जो हो लेकिन उसका खिलाडिय़ों पर असर नहीं होना चाहिए।
Published on:
25 Aug 2018 10:53 am
