जयपुर. पर्यावरण जागरूकता को लेकर कैलाश सामोता पिछले कई साल से काम कर रहे हैं। शादी समारोह में बतौर गिफ्ट देना हो या प्रतिभाओं को सम्मानित करना हो वे हर मौके पर पौधा ही देते हैं। यहां तक कि जन्मोत्सव, विदाई व अंत्येष्टि से जुड़े कार्यक्रमों में भी पौधा रोपना या भेंट करना उनकी आदत में शामिल है। वह अब तक डेढ़ लाख से अधिक पौधे रोप चुके हैं। साथ ही पीने के पानी, सिंचाई और जैव विविधता पर मंडरा रहे खतरों को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
एक पौधा अभियान से शुरुआत
शिक्षक सामोता ने 22 साल पहले जयपुर के शाहपुरा उपखंड के रानीपुरा मुरलीपुरा गांव में हर घर एक पौधा अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की शुरुआत की। साथ ही शीतल जल मंदिर लगवाने, परिंडे बांधने, जोहड़, गोचर भूमि, बावड़ी, नदियों के संरक्षण को लेकर आवाज उठाई। उनके मुताबिक प्रकृति बचाने के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ संघर्ष करने से भी नहीं चूकना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी खुली और साफ हवा में सांस ले सके।
खास-खास
– सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों में औषधीय, सजावटी, छायादार एवं फलदार पौधे लगवाए।
– अजीतगढ़-श्रीमाधोपुर स्टेट हाईवे पर ईंट भट्टों की चिमनियों की ऊंचाई बढ़वाई।