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खेतड़ी में तांबे के अकूत भंडार, सरकार ध्यान दे तो मिले हजारों लोगों को रोजगार

1975 से अब तक 15 फीसदी तांबा भी नहीं निकाला जा सका
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जयपुर

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Girraj prasad sharma

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Updated: 4 Jun 2020, 6:32 PM IST

खेतड़ी में तांबे के अकूत भंडार, सरकार ध्यान दे तो मिले हजारों लोगों को रोजगार

फाइल फोटो

झुंझुनूं/खेतड़ीनगर. सरकार ने भले ही खेतड़ी स्थित कॉपर कॉम्पलेक्स के अधिकांश संयंत्रों को बंद कर दिया हो लेकिन यहां तांबे के भंडारों में कोई कमी नहीं आई है। खेतड़ी व आस-पास की पहाडिय़ों में इतना तांबा है कि अगले सौ वर्ष में भी खत्म नहीं हो सकता। तांबे के यहां अकूत भंडार हैं। यहां की पहाडिय़ां भी दूर से तांबे की तरह ही चमकती दिखाई देती है। 20वीं सदी की शुरुआत में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआइ), इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स (आइबीएम) के भू-गर्भ विशेषज्ञों ने यहां तांबे की खोज की। फिर नेशनल माइनिंग डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएमडीसी) ने खेतड़ी खान का विकास किया। जीएसआइ के सर्वे के अनुसार सिंघाना से रघुनाथगढ़ तक 80 किलोमीटर लम्बे व चौड़े क्षेत्र में तांबे के विशाल भंडार हैं। वर्ष 1975 से अब तक यहां करीब 10 से 15 फीसदी तांबा ही निकाला जा सका है।

यहां भरे हैं तांबे के भंडार

खेतड़ीनगर, कोलिहान, सिंघाना, खेतड़ी, बनवास, चांदमारी, धानी बासरी, बनीवाला की ढाणी, ढोलामाला, अकवाली, पचेरी, रघुनाथगढ़, माकड़ो, बागेश्वर, खरखड़ा, श्यामपुरा भिटेरा, वसंत विहार, जसरापुर, मुरादपुर, भोदन इश्कपुरा व आस-पास के गांवों की पहाडिय़ों व जमीन के नीचे तांबे के भंडार हैं।

एशिया में था पहला स्थान

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की केसीसी इकाई का तांबा उत्पादन में एशिया में पहला स्थान था। केसीसी प्लांट तो सिर्फ 3 से 4 किलोमीटर इलाके में ही खनन कर रहा है।

6 स्तर पर खनन

तांबे का खनन करने के लिए माइनिंग खान में 6 लेवल पर खनन किया जा रहा है। जीरो लेवल अंतिम खनन पॉइंट है, जमीन से करीब 370 मीटर नीचे है। यह महासागर तल के बराबर है। फिलहाल अंतिम 3 लेवल पर ही खनन कार्य किया जा रहा है। खेतड़ी तांबा श्रमिक संघ के बिडदूराम सैनी व बीएमएस के श्यामलाल सैनी ने बताया कि अब भी खेतड़ी के केसीसी प्लांट के पास पहाडिय़ों में तांबा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यहां इतना तांबा है कि अगले सौ साल से ज्यादा समय तक दिन-रात खनन किया जाए तो भी पूरा तांबा नहीं निकाला जा सकता।

सर्वे के अनुसार यहां इतना तांबा

माइन - रॉ मेटेरियल - तांबे की ग्रेड

खेतड़ी माइन - 32 एमटी - 1.13

चांदमारी माइन - 6.07 एमटी - 1.03

बनवास ब्लॉक - 24.77 एमटी - 1.69

कोलीहान माइंस - 19.46 एमटी - 1.32

चांदमारी कोलिहान इंटरवेलिंग ब्लॉक - 12.10 एमटी - 1.02

( आंकड़े जीएसआइ के सर्वे के अनुसार, ग्रेड प्रतिशत सीयू में,एमटी: मिलियन टन)