15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

student union elections: …तो क्या इस बार होंगे राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव

student union elections: विधानसभा में उठा छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव कराने की मांग

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Jan 30, 2024

student union elections: ...तो क्या इस बार होंगे राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव

student union elections: ...तो क्या इस बार होंगे राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव

student union elections: जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव की मांग उठने लगी है। छात्रनेता पिछले कुछ समय से राजस्थान में कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग करते आ रहे हैं। इधर राजस्थान विधानसभा में भी विधायक हनुमान बेनीवाल ने यह मांग उठाकर इस वर्ष छात्रसंघ चुनाव होने की उम्मीदों को बल दिया है।

बेनीवाल ने सोमवार को छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि छात्रसंघ चुनाव होने से राज्य व देश को युवा नेता मिलते हैं।

कब-कब लगी रोक

सबसे पहले वर्ष 1982 में राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाई गई थी। उस दौरान रघु शर्मा विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष थे। बाद में वर्ष 1989-90 में यह रोक हटी और फिर से छात्रसंघ के चुनाव हुए। जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रणवेन्द्र शर्मा ने चुनाव जीता।

इसके बाद वर्ष 2005 में भी चुनावों पर रोक लगा दी थी। यह रोक वर्ष 2009 तक रही। वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में कोरोना के कारण राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं ह़ुए। इसके बाद पिछले साल फिर रोक लगाई थी।

पिछले वर्ष चुनाव पर रोक का यह दिया हवाला

अगस्त 2023 में कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी थी। कारण यह बताया गया कि इस चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं होती है। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करना है। हालांकि पिछले वर्ष रोक लगाई थी तब राज्य में काफी विरोध हुआ था। भाजपा ने भी यह कहकर विरोध जताया था कांग्रेस हार की संभावना के चलते छात्रसंघ चुनाव नहीं कराना चाहती है।

यह है राजनीति की पहली सीढी

छात्रसंघ चुनाव में जीते छात्रसंघ अध्यक्ष को राजनीति की पहली सीढी भी बताया जाता रहा है। राजस्थान के कई छात्रसंघ अध्यक्ष रहे मुख्यमंत्री व मंत्री, विधायक सांसद तक बने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वर्तमान विधायक भी छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं।