
राजस्थान में भजनलाल सरकार का पेपर माफियों के खिलाफ लगातार सख्त एक्शन देखने को मिल रहा है। गहलोत सरकार के कार्यकाल में आयोजिक हुई उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा- 2021 का पेपर लीक हुआ था। सम्भवतः यह पहला मामला है, जिसमें पेपरलीक का खुलासा लिखित परीक्षा ही नहीं फिजिकल, इंटरव्यू और परिणाम जारी होने के बाद हुआ है।
जयपुर के ही एक स्कूल से पेपरलीक का खुलासा होने के बाद स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने रविवार को एफआईआर दर्ज की और ट्रेनिंग ले रहे 15 थानेदारों को हिरासत में ले लिया तथा तीन की तलाश जारी है। हिरासत में लिए आरोपियों में से 9 पुरुष व 6 महिला थानेदार हैं। एसओजी ने सुबह 10.45 बजे राजस्थान पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे टॉपर नरेश खिलेरी सहित 12 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्लास से हिरासत में लिया।
अजमेर राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2020 सवालों के घेरे में है। साल 2021 में आयोजित परीक्षा को लेकर पेपर लीक नकल की बात सामने आई है। उधर, आरपीएससी के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि एसओजी की जांच किन बिंदुओं पर चल रही है, यह वही बता सकते हैं। आयोग स्तर से कोई जानकारी ली जाएगी तो भिजवाई जाएगी। कोई भी टिप्पणी अनुचित होगी।
आरोपी जगदीश बिश्नोई, शिक्षक राजेन्द्र यादव, पटवारी हर्षवर्धन और डालूराम की गिरफ्तारी के बाद 20 अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई। रविवार रात को आरपीए प्रशासन से जानकारी ली गई। पता चला कि 20 में से 15 आरोपियों ने ही उपस्थिति दर्ज करवाई थी। 15 में भी दो आरोपी अवकाश पर उनके घर गए हुए हैं, जबकि 12 आरपीए में ही उपस्थित हैं। एक महिला आरोपी किशनगढ़ पीटीएस में है।
एसओजी की टीम सोमवार सुबह आरपीए पहुंची। करीब 650 उप निरीक्षकों को ऑडिटोरियम में क्लास के लिए एकत्र किया गया। एसओजी ने नामों की सूची सौंपी, उसके बाद आरपीए प्रशासन एक- एक आरोपी का नाम बोलता गया और उसे बाहर जाने के निर्देश दिए। गेट के बाहर आते ही एसओजी आरोपी को अपनी कस्टडी में लेकर वहां खड़ी बस में बैठाती गई। सभी आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें एसओजी मुख्यालय लाया गया।
Published on:
05 Mar 2024 08:44 am
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