
solar eclipse timing and date
Solar eclipse 2023 : साल का पहला सूर्य ग्रहण बैसाख मास की अमावस्या पर गुरुवार को होगा। भारतीय क्षेत्र के मध्य सूर्य-पृथ्वी के बीच में चंद्रमा के नहीं आने से भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से पहला सूर्यग्रहण बेहद महत्वपूर्ण है।
गुरु बृहस्पति के मेष राशि में प्रवेश
दो दिन बाद देव गुरु बृहस्पति के मेष राशि में प्रवेश करने से कुछ पड़ोसी देशों में तनाव की आशंका है। भारत सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में कोरोना वायरस के मामलों में थोड़ी वृद्धि होगी, स्थिति नियंत्रण में रहेगी। ग्रहण के समय कुल छह ग्रह राहु-केतु के नक्षत्रों या उनके सीधे प्रभाव में होंगे। सोने के दाम बढ़ने के साथ ही बारिश मध्यम होगी।
विदेशों में वलयाकार आकृति में दिखाई देगा:
शर्मा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस व द. जापान के कुछ भागों में यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 7.04 से दोपहर 12.39 के बीच दिखाई देगा। सूर्य की खग्रास आकृति पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बैरो द्वीप, जावा, इंडोनेशिया के ईरियन जया में रिंग ऑफ फायर यानी वलयाकार आकृति में ग्रहण दिखाई देगा, जो अधिकतम एक से चार मिनट तक रहेगा।
15 दिन बाद उपच्छायी चंद्र ग्रहण:
शर्मा ने बताया कि पांच मई की मध्य रात्रि को उपच्छायी चंद्र ग्रहण रहेगा। भारत में ग्रहण के मौके पर चंद्रमा धुंधला दिखाई देगा। यह ग्रहण खगोलीय घटना के रूप में मान्य रहेगा व इसकी अवधि रात 8.44 से रात 1.02 बजे तक होगी। इसकी ग्रहण के रूप में मान्यता न होने से सूतक काल मान्य नहीं होगा।
Published on:
17 Apr 2023 12:03 pm
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