
जयपुर। देश में बिजली खपत बड़ी समस्या है। साथ ही बढ़ता बिजली का बिल ( bijli bill rajasthan ) भी आम लोगों के लिए 440 वाल्ट का झटका साबित होता है। ऐसे में सौर ऊर्जा संयंत्र ( Solar power plant ) से इस पर लगाम ( Advantages of Solar Energy ) लग सकती है। घरों की छत पर अगर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाए तो बिजली बिल पर लगाम लगने के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन में राजस्थान का पहला स्थान होगा।
राजस्थान के परिवर्तित बजट 2019-20 ( Rajasthan Budget 2019 ) में ऊर्जा विभाग के लिए 30 हजार 170 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं, मंगलवार को सदन में ऊर्जा मंत्री बी ड़ी कल्ला ( B D Kalla ) ने मंगलवार को विधानसभा में घरों की छत पर सौर ऊर्जा ( Solar Power Plant For Home ) लगाए जाने का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि आम व्यक्ति भी अपने घरों की छतों पर रूफटॉप योजना ( Rooftop Solar Power Plant ) के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। रूफटॉप योजनान्तर्गत घरेलू क्षेत्रों में एमएनआरई ( MNRI ) , भारत सरकार द्वारा देय 30 प्रतिशत अनुदान का लाभ देते हुए रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
मंत्री कल्ला ने बताया कि सौर ऊर्जा से उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सौर ऊर्जा नीति-2014 ( Solar energy policy-2014 ) जारी की गई है। अब तक अक्षय ऊर्जा निगम मे पंजीकृत संयंत्रों में से 3296 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। वितरण निगमों द्वारा सौर ऊर्जा की खरीद निविदा प्रक्रिया द्वारा की जा रही है जिसके कारण इसकी दर परम्परागत ऊर्जा से भी कम स्तर पर है।
भविष्य के लिए केन्द्र सरकार की जो योजनाएं स्वीकृत हैं उनमें देश भर में घरेलू क्षेत्रों मे वर्ष 2022 तक कुल 4000 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रो की एमएनआरई, भारत सरकार द्वारा देय अनुदान सहित स्थापना की योजना, केन्द्रीय/राज्यों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा 12000 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना ( solar power plant project ) एवं किसानों के लिए सोलर पम्प ( solar pump for Farmers ) एवं सौर ऊर्जा संयंत्रो की स्थापना के लिए कुसुम योजना ( Kusum Yojana Rajasthan ) शामिल है।
सौर ऊर्जा का महत्व ( Solar Power Plant Benefits )
- 3 से 4 हजार मेगावाट बिजली पश्चिमी राजस्थान के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर में बन रही है।
- यह प्रदेश में बनने वाली बिजली का 50 प्रतिशत है।
- 2 से 2500 मेगावाट तक सोलर जनरेशन है वर्तमान में पूरे प्रदेश में।
ऐसे लगाते हैं सोलर सिस्टम ( how to apply for solar subsidy in rajasthan )
- एक किलोवाट से एक मेगा वाट का सोलर सिस्टम लगता है।
- एक किलोवाट के सिस्टम के लिए न्यूनतम 10 स्क्वायर मीटर जगह की आवश्यकता होती है।
- 4 यूनिट बिजली प्रति किलोवाट सामान्यत: बनती है।
- इस सोलर प्लांट की उम्र करीब 25 वर्ष तक होती है।
- 30 प्रतिशत तक मिलती है सब्सिडी।
बता दें कि राज्य में वर्ष 2018-19 तक घरेलू क्षेत्र में रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र ( Rooftop Solar Power Plant Scheme ) स्थापित करने हेतु सोलर रूफटॉप योजना के तहत निर्धारित न्यूनतम दरों पर अधिकृत विक्रेताओं द्वारा स्थापित करने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा था। योजना के अन्तर्गत रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने के लिए उपभोक्ता ऑनलाइन आवेदन करता था जिसकी स्वीकृति निगम द्वारा ऑनलाइन जारी की जाती थी। स्वीकृति के पश्चात् उपभोक्ता द्वारा चयनित निगम के अधिकृत विक्रेता के माध्यम से रूफटॉप संयंत्र की स्थापना की जाती थी।
Published on:
16 Jul 2019 08:53 pm
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