जयपुर। साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही शहर के अराध्य गोविंददेवजी सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। लोगों ने ठाकुरजी के दर्शन कर परिक्रमा लगाई, वहीं सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखा और पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगा सुख—समृद्धि की कामना कर रही है।
गोविंददेवजी मंदिर में मंगला झांकी से ही भक्तों की भीड़ नजर आई। मंदिर में राधे—गोविंद के जयकारों से गूंज उठा। कुछ श्रद्धालु दिनभर की सात झांकियों के दर्शन भी कर रहे है। वहीं शहर के अन्य मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ रही। महिलाएं मंदिरों में ठाकुरजी के 108 परिक्रमा लगा रही है। कुछ जगहों पर तुलसी और पीपल के पेड़ की भी परिक्रमा लगाई।
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि फाल्गुन अमावस्या पर आज सोमवार और शिव योग का संयोग बना है। मंत्र जाप, तप, श्राद्ध कर्म करने से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है। आज 11:40 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो कि देर रात तक रहेगा। साथ ही पारिघ योग सुबह 11:03 बजे तक रहेगा। इसके बाद से शिव योग की शुरुआत होगी।