जयपुर।
गुर्जर आरक्षण के जनक और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का आज लंबी बीमारी के बाद 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने आज सुबह अंतिम सांस ली। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बैंसला के निधन से गुर्जर समाज में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जयपुर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे समर्थक
गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का पार्थिव देह उनके जयपुर स्थित निवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। इस दौरान विभिन्न राजनितिक दलों के नेता, गुर्जर समाज के लोग और आम जन उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुँच रहे हैं। बैंसला निवास पर श्रद्धांजलि देने वालों में गहलोत सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट नहीं शामिल रहे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से भाजपा के वरिष्ठ नेता कालीचरण सराफ, डॉ अरुण चतुर्वेदी, राजपाल सिंह शेखावत और अशोक परनामी ने पहुंचकर पुष्प चक्र अर्पित किये। सभी नेताओं ने किरोड़ी बैंसला के पार्थिव देह पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस भी बंधवाया।
इधर, कर्नल बैंसला के निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी दुख जताया है। गहलोत ने अपने शोक सन्देश में कहा कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन के मुखिया के रूप में बैंसला ने MBC वर्ग के आरक्षण के लिए लंबा संघर्ष किया। MBC वर्ग को आज आरक्षण मिल पाया तो अगर किसी एक व्यक्ति को श्रेय जाता है तो वह कर्नल बैंसला ही हैं। समाज के मुद्दों को लेकर कई बार उनसे चर्चा हुई। मेरे प्रति उनका स्नेह हमेशा बना रहा। इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों स्वर्गीय बैंसला के सहयोगियों के साथ है, ईश्वर उन्हें यह आघात सहने की शक्ति दे और दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें।
पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
बताया जा रहा है कि कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव हिंडौन के मोरिया में होगा। पार्थिव देह को दोपहर मैं हिंडौन के लिए के लिए रवाना होगा। जहां हिंडोन में भी उनके समर्थक और समाज के लोग उनके पार्थिव देकर अंतिम दर्शन करेंगे।