
Rajasthan Assembly Budget Session 2025: राजस्थान विधानसभा में सोमवार देर रात उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब स्पीकर वासुदेव देवनानी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जूली ने विधायकों को बोलने का समय देने की मांग की, जिस पर स्पीकर नाराज हो गए और गुस्से में कागज फेंकते हुए कह दिया कि फिर आप ही चला लो विधानसभा, मैं तो चला...स्थगित। हालांकि कुछ देर बाद माहौल शांत हुआ और कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ी।
दरअसल, सोमवार देर रात विधानसभा में मामला तब बढ़ा जब उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को जवाब देने के लिए स्पीकर ने बुलाया। तभी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मांग रखी कि कुछ विधायकों को पहले बोलने दिया जाए। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने आपत्ति जताई, लेकिन जूली भी अपनी बात पर अड़ गए।
टीकाराम जूली ने कहा कि अब तक 3 विधायक नहीं बोल पाए हैं, उन्हें दो-दो मिनट का समय दिया जाए, मंत्री बाद में जवाब दे सकते हैं। इस पर स्पीकर भड़क गए और कहा कि फर्क कैसे नहीं पड़ता? इसके बाद उन्होंने गुस्से में कागज फेंकते हुए कहा, फिर आप ही चला लो रात 12 बजे तक विधानसभा, मैं तो चला।
स्पीकर के नाराज होकर उठने पर नेता प्रतिपक्ष जूली ने शांत करने की कोशिश की और कहा कि आप नाराज क्यों होते हो, हमने तो सिर्फ विधायकों को बोलने देने की बात की है। जूली की बात सुनने के बाद कुछ देर में स्पीकर का गुस्सा शांत हुआ, और उन्होंने तीन विधायकों को बोलने का मौका दिया।
इसी दौरान वन और पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा की विधानसभा में तबीयत बिगड़ गई। गला सूखने की वजह से उन्होंने पानी मांगा और कुछ देर के लिए बैठे रहे। पानी पीने के बाद उन्होंने एक घोषणा की और फिर कहा कि तबीयत सही नहीं है, इसलिए बाकी जवाब टेबल कर रहे हैं। इसके बाद संजय शर्मा आगे की घोषणाएं किए बिना ही बैठ गए। वहीं, सदन में जब वन मंत्री की तबीयत ख़राब हुई तो नेता विपक्ष टीकाराम जूली उनको संभालते हुए नजर आए और बाद में अपनी गाड़ी से घर छोड़ा।
बताते चलें कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण कुछ देर तक सदन में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। लेकिन स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ी।
Updated on:
11 Mar 2025 10:48 am
Published on:
11 Mar 2025 10:48 am
