
जयपुर।
राज्य मंत्रिमंडल ने पंचायती राज संस्था और शहरी निकाय चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता समाप्त करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने विधेयक को हरी झंडी दे दी। अब इन दोनों विधेयकों को विधानसभा में पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री Ashok Gehlot की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया। राजस्थान पंचायती राज संशोधन विधेयक 2019 के तहत प्रावधान रखा गया है कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि का चुनाव लडऩे के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं होगी। इसी तरह राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक 2019 में शहरी निकाय के प्रतिनिधियों के लिए भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने का प्रावधान समाप्त कर दिया है। इन दोनों प्रावधानों पर मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही निर्णय हो गया था। कर्ज माफी के रोडमैप पर भी मंथन: बैठक में किसान कर्ज माफी के रोडमैप बनाने को लेकर विचार विमर्श हुआ। सीएस और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
Published on:
18 Jan 2019 10:07 am
