
अयोध्या स्थित रामनगरी में श्री राम की विशालकाय मूर्ति बनाई रही है जो 251 मीटर की होगी। सरकार ने इसे अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से अधिक ऊंचा बनाने का फैसला किया है।स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 182 मीटर है। धनुष-बाण लिए हुए श्रीराम का पूरा स्टेच्यू जालोर के ग्रेनाइट पत्थर से बनाया जा रहा है। इसके लिए बड़े-बड़े ब्लॉक तैयार किए हैं। मंदिर निर्माण कम्पनी ने विभिन्न आकार व ऊंचाई के 70 ब्लॉक बनाने के लिए जालोर ग्रेनाइट इण्डस्ट्री को ऑर्डर दिए हैं। इन ब्लॉक से स्टेच्यू का सिर, मुंह, हाथ-पैर व धड़ तैयार करके आपस में जोड़ा जाएगा।
दिसम्बर 2023 में बनकर तैयार
केंद्र सरकार का पूरा फोकस राम मंदिर पर है। दिसम्बर 2023 में इसके बनकर तैयार होने की उम्मीद है। मंदिर के साथ श्रीराम की विशाल प्रतिमा बनाई जा रही है, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। यह अयोध्या के प्रवेश द्वार पर होगी। वर्तमान में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाती है।
डेजर्ट ब्राउन रंग के होंगे श्री राम
राम मंदिर बनाने वाली कम्पनी एल एण्ड टी ने जालोर की एक माइन्स को स्टेच्यू के लिए ग्रेनाइट का ऑर्डर दिया है। पूरा ग्रेनाइट एक ही रंग का डेजर्ट ब्राउन होगा। यह पत्थर जालोर के पास मोकलसर से निकाला जा रहा है। 70 ब्लॉक में से अब तक 40 ब्लॉक जा चुके हैं। मूर्ति निर्माण का कार्य नागौर के मकराना में हो रहा है। ये ब्लॉक 40 फीट तक के हैं। प्रत्येक ब्लॉक का वजन 90 से 140 टन है। इन्हें 4 से 6 क्रेन लगाकर ट्रेलर पर लादकर भेजा रहा है।
मंदिर परिक्रमा पथ पर भी लगेगा ग्रेनाइट
राम मंदिर के परिक्रमा पथ के लिए भी ग्रेनाइट का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एलएण्डटी कम्पनी शीघ्र ही जालोर आएगी और ग्रेनाइट के नमूने देखेगी। कम्पनी की ओर से यहां माइन्स की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी, जो मंदिर पूरा होने के बाद बनने वाली पूरी फिल्म के साथ दिखाई जाएगी।
जालोर के पत्थर से ही श्री राम की विशाल मूर्ति
जालोर के पत्थर से ही श्री राम की विशाल मूर्ति बनाई जा रही है। 70 ब्लॉॅक में से अब 40 ब्लॉक भेज दिए हैं। मूर्ति निर्माण का कार्य मकराना में हो रहा है। कम्पनी की एक टीम शीघ्र ही जालोर का दौरा करेगी।
-राजू चौधरी, अध्यक्ष, जालोर ग्रेनाइट एसोसिएशन,जालोर
Published on:
15 Oct 2022 08:16 pm
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