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कोटा, बारां व करौली जिले की पांच पंचायतों के चुनाव पर रोक

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब नई नगरपालिका बनने से प्रभावित ग्राम पंचायतों के कराए जा रहे हैं चुनाव

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जयपुर। नई नगरपालिकाओं का गठन कर ग्राम पंचायतों को फिर चुनाव कराने के मामले में राज्य सरकार को राजस्थान हाईकोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने नई नगरपालिका बनने से प्रभावित करौली, बारां व कोटा जिले की पांच ग्राम पंचायतों के चुनाव पर रोक लगा दी है। इस मामले में राज्य सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब भी मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत माहान्ति व न्यायाधीश सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने पांचों प्रभावित ग्राम पंचायतों की याचिकाओं पर यह आदेश दिए। याचिकाओं में डेढ़ साल पहले निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के स्थान पर नए चुनाव की प्रक्रिया शुरु करने के लिए दो जुलाई को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई। अधिवक्ता अनुराग शर्मा ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही तीन नई नगरपालिकाओं का गठन किया। इसके तहत बारां जिले में अटरू, कोटा जिले में सुल्तानपुर और करौली जिले में सपोटरा नगरपालिका का गठन किया था। इनके गठन से बारां जिले की दो पंचायते मेरमाचाह व बरला, कोटा जिले की किशोरपुरा व खेड़ली तगराना तथा करौली जिले की गोठड़ा ग्राम पंचायत प्रभावित हुई। इन ग्राम पंचायतों का कुछ क्षेत्र नई नगरपालिकाओं में लेने से वहां वार्डों की संख्या बदल गई। दो जुलाई को इन ग्राम पंचायतों के नए सिरे से चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया, जबकि इन पंचायतों के डेढ़ वर्ष पूर्व ही चुनाव हुए। ग्राम पंचायतों की ओर से कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित है। इनका चुनाव समय से पहले कराने का प्रावधान ही नहीं है, ऐसे में नई नगरपालिकाओ के गठन के बावजूद प्रभावित पंचायतों का चुनाव नही करवाया जा सकता।