15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कच्चे माल का आयात महंगा होने से सरिया तेज

एक माह में 4000 रुपए प्रति टन बढ़ी कीमतें एंगल, चैनल और गर्डर भी मजबूत

less than 1 minute read
Google source verification
jaipur

कच्चे माल का आयात महंगा होने से सरिया तेज

जयपुर. कच्चे माल का आयात महंगा होने तथा आयरन ओर (अयस्क) तेज होने से स्थानीय लोहा इस्पात बाजार में सरिया और उछल गया। एक माह के दौरान सरिये की कीमतों में लगभग 4000 रुपए प्रति टन की तेजी दर्ज की गई है। इसी प्रकार इंगट और बिलट के भावों में भी जोरदार मजबूती आई है। जयपुर मंडी में इंगट 33300 रुपए प्रति टन पर पहुंच गया है। बिलट भी इसी भाव बेचा जा रहा है।

स्पाँज आयरन 23000 रुपए प्रति टन पर मजबूत बोला गया। हाजिर माल की तंगी से एंगल, चैनल और गर्डर के भाव भी उछल गए। प्रीमियर सरिया के एमडी अरुण जैन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अयस्क की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद घरेलू लौह अयस्क की मांग में इजाफा हुआ है। घरेलू लौह अयस्क के दाम करीब 67 डॉलर प्रति टन हैं। जबकि आयातित अयस्क के दाम 90 डॉलर प्रति टन हैं। ज्ञात हो इस्पात बनाने में लौह अयस्क और कोकिंग कोल दो अहम कच्चे माल हैं। केयर रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत का लौह अयस्क आयात 2019 में अप्रैल से अक्टूबर तक की अवधि में 2018 की इसी अवधि के मुकाबले 90 फीसदी घटा है। जैन ने कहा कि यह पिछले सात साल में सबसे कम आयात है। जानकारों का कहना है कि लौह अयस्क की घरेलू और आयातित कीमतों में बहुत अंतर होने से अगले तीन माह में अयस्क की कीमतें 10 फीसदी और बढ़ने का अनुमान है। भाव इस प्रकार रहे:-

सरिया प्रति टन जीएसटी पेड। प्रीमियर 8 एमएम 48750, 10 एमएम 47800, 12 एमएम 46000 रुपए। कृष्णा 8 एमएम 48850, 10 एमएम 47900, 12 एमएम 46100 रुपए। शर्मा 8 एमएम 48200, 10 एमएम 47500, 12 एमएम 45700 रुपए। शर्मा गर्डर 5 से 8 इंच 49500, चैनल 5 से 6 इंच 50500 से 51000 रुपए।