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आइड्रॉप प्रयोग करने से पहले जांच लें, कहीं स्टेरॉयड तो नहीं

आंखों की बढ़ती समस्याओं में एक प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है स्टेरॉइड इंड्यूस्ड दवाओं, ड्रॉप आदि का प्रयोग।

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जयपुर

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Divya Sharma

Jul 26, 2019

आइड्रॉप प्रयोग करने से पहले जांच लें, कहीं स्टेरॉयड तो नहीं

आइड्रॉप प्रयोग करने से पहले जांच लें, कहीं स्टेरॉयड तो नहीं

आंखों की बढ़ती समस्याओं में एक प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है स्टेरॉइड इंड्यूस्ड दवाओं, ड्रॉप आदि का प्रयोग। धूप की तपन व बारिश के पानी से आंखों से जुड़ी सीजनल, डस्ट एलर्जी में इनका इस्तेमाल बढ़ गया है। हालांकि किसी भी प्रकार की दवा बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं लेनी चाहिए। लोगों का खुद से किसी भी मेडिकल शॉप से दवा लेकर प्रयोग में लेना कालापानी, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, आंखों के कमजोर व अंधता का कारण बन सकता है।


तुरंत असरदार: वैसे तो स्टेरॉइडयुक्त दवा और ड्रॉप आंखों की समस्या में तुरंत राहत देती है। लंबे समय तक प्रयोग से आंखों की सूक्ष्म व बारीक नसों पर दबाव बढ़ता है।


लक्षण : आंखों में लालिमा, जलन, पानी आना, खुजली होना और भारीपन महसूस होता है।


ध्यान रखें : इंहेलर प्रयोग में लेने वालों को अक्सर सिर या आंख में दर्द रहता है। ऐसा इनमें मौजूद स्टेरॉइड के दुष्प्रभाव से होता है। श्वास रोगी इसे सांस की तकलीफ मानते हैं।


इन्हें ज्यादा खतरा : विशेषज्ञ फिजिकल एग्जामिनेशन के बाद एंटी एलर्जिक आई ड्रॉप देते हैं। एलर्जी के कारक से दूरी बनाएं। स्टेरॉइड दवा की जरूरत देखते हुए डॉक्टर डोज तय करते हैं।


सावधानी : सनग्लास लगाएं। पानी से बार-बार आंख धोने से प्राकृतिक पानी नष्ट हो जाएगा।


डॉ. सुनील गुप्ता, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जयपुर


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