
जयपुर। राजधानी का एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है, जहां दिनभर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। अध्यापक भय के कारण खुले में बच्चों की प्रार्थना सभा नहीं कराते। इन आवारा पशुओं ने बच्चों की आजादी छीन ली है। ये हालात है वैशाली नगर के प्रेमपुरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय के।
इन पशुओं के कारण स्कूल में बच्चे और शिक्षक हर समय भयभीत नजर आते है। उन्हें डर लगा रहता हैं कि कभी कोई घटना न घट जाए। भय के कारण खेल मैदान होते हुए भी बच्चों का खेलना-कूदना बंद हो गया। अब सब कुछ कक्षाओं के अंदर ही होता है। छुटटी के समय भी बच्चों को अध्यापक अपने साथ स्कूल से बाहर निकालते है। कई परिजनों नेहादसे के डर से बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया। इससे हर साल स्कूल में नामांकन भी कम हो रहा है। फिलहाल यहां 88 बच्चे पढऩे आते हंै। नगर निगम अफसरों को भी इन हालात की जानकारी है, लेकिन कोई पुख्ता कारवाई नहीं की गई।
सींग में उठा लिया था बच्चा
एक अध्यापिका ने बताया कि एक माह पहले एक गाय ने बच्चे को सींग से ऊपर उठा लिया था। शुक्र हैं बच्चे को चोट नहीं आई। कुछ दिनों पहले दो सांडों ने लड़ते हुए स्कूल की रैलिंग तोड़ दी, जिसे बाद में ठीक कराया गया। परिसर में गोबर की बदबू से बारिश में हाल खराब है।
- दो साल से समस्या से जूझ रहे हैं। आठवीं तक स्कूल हैं और बच्चे भी छोटे है। जिससे हर समय आवारा पशुओं का भय बना रहता है। नामांकन भी घट रहा है। कई बार शिकायत कर चुके,लेकिन समाधान नहीं हुआ। डर बना रहता है कि सांड-गाय लड़ते हुए कक्षा में न आ जाए।
ऊषा शर्मा, प्रिंसिपल
Updated on:
29 Aug 2018 01:12 pm
Published on:
29 Aug 2018 01:11 pm
