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वैज्ञानिक पत्रकारिता, नवाचार उद्यमिता , युवा वैज्ञानिकों को मिलेंगे स्ट्राइड पुरस्कार

मुख्य सचिव निरंजन आर्य ( Chief Secretary Niranjan Arya ) ने कहा है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मुकाम हासिल करने वाले राजस्थान मूल के युवा वैज्ञानिकों, नवाचार एवं उद्यमिता एवं वैज्ञानिक पत्रकारिता से जुड़े पात्र लोगों को 28 फरवरी को विज्ञान दिवस पर राजस्थान स्टेट स्ट्राइड अवार्ड ( Rajasthan State Stride Award (Science Technology) (साइंस टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन, डिजाइन और आन्त्रेप्रेन्योरशिप )प्रदान किए जाएंगे।

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Stride Awards for Scientific Journalism, Innovation Entrepreneurship

वैज्ञानिक पत्रकारिता, नवाचार उद्यमिता , युवा वैज्ञानिकों को मिलेंगे स्ट्राइड पुरस्कार

जयपुर
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ( Chief Secretary Niranjan Arya ) ने कहा है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मुकाम हासिल करने वाले राजस्थान मूल के युवा वैज्ञानिकों, नवाचार एवं उद्यमिता एवं वैज्ञानिक पत्रकारिता से जुड़े पात्र लोगों को 28 फरवरी को विज्ञान दिवस पर राजस्थान स्टेट स्ट्राइड अवार्ड ( Rajasthan State Stride Award (Science Technology) (साइंस टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन, डिजाइन और आन्त्रेप्रेन्योरशिप )प्रदान किए जाएंगे। 3 श्रेणियों में 24 योग्य उम्मीदवारों को 4 पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रत्येक श्रेणी में 8-8 लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा।

आर्य ने गुरूवार को शासन सचिवालय में स्ट्राइड़ अवार्ड की गाइडलाइन्स के लिए आयोजित विशेषज्ञ की समिति को वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तीन श्रेणियों में दिए जाने वाले पुरस्कारों में प्रथम पुरस्कार 1 -1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपए, तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपए तथा 5 सांत्वना पुरस्कार 10-10 हजार रुपए के दिए जाएंगे।

स्थानीय इनोवेशन को मिले तरजीह
मुख्य सचिव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के इस निर्णय से विज्ञान की समझ एवं सोच को आम जीवन में बढ़ावा मिलेगा। पुरस्कारों की गाइडलाइन के दौरान स्थानीय इनोवेशन को तरहीज दी जाए। जिससे उद्यमियों को हौसला अफजाई हो सके।

जल्द जारी होगी गाइड लाइन
शासन सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के.सी. वर्मा ने कहा कि पुरस्कारों के लिए गाइडलाइन का प्रारूप तय कर लिया गया है। विस्तृत गाइडलाइन शीघ्र ही अनुमोदन के उपरान्त जारी की जाएगी। पंडित हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी ने कहा कि सरकार का यह अनूठा निर्णय है। आज के दौर में विज्ञान की पत्रकारिता कम हो रही है। अतः इन पुरस्कारों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।उन्होंने कहा कि प्रिन्ट मीडिया के साथ -साथ इलेक्ट्रोनिक मीडिया एवं डाक्यूमेन्ट्री को भी शामिल किया जाए।
महिला वैज्ञानिकों को मिलेगा बढ़ावा
वीसी के दौरान डीन (आरएण्डडी) आईआईटी जोधपुर, एम्स जोधपुर, सचिव एसईआरबी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली, सीईओ स्टार्टअप ओएसिस जयपुर, निदेशक नेशनल इनोवेशन फाउण्डेशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली, निदेशक, विज्ञान प्रसार, नई दिल्ली, प्रमुख एवं साईन्टिस्ट-जी एनसीएसटीसी नई दिल्ली ने इन पुरस्कारों की घोषणा की सराहना की। इससे महिला वैज्ञानिकों को भी बढ़ावा मिलेगा साथ ही सुझाव दिए कि पुरस्कार की श्रेणियों में पर्यावरण, सामाजिक समावेशन में हुए इनोवेशन एवं शोध को भी शामिल किया जाए।