5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

छात्रसंघ चुनाव : जयपुर में ढाई फुट की सोनाली और दृष्टिबाधित खेमराज भी मैदान में

Student Union Election Rajasthan : ढाई फुट की सोनाली और दृष्टिबाधित खेमराज भी मैदान में, अपनी अक्षमताओं को मात देते हुए पूरे जोश के साथ प्रचार में जुटे
2 min read
Google source verification
Student Union Election Rajasthan

छात्रसंघ चुनाव : जयपुर में ढाई फुट की सोनाली और दृष्टिबाधित खेमराज भी मैदान में

जया गुप्ता / जयपुर।Student Union Election Rajasthan : राजस्थान विश्वविद्यालय ( Rajasthan University ) के संघटक कॉलेजों में इस बार छात्रसंघ चुनाव कुछ खास होने वाले हैं। दरअसल, इस बार संघटक कॉलेजों से विकलांग प्रत्याशी भी मैदान में है। अपनी अक्षमताओं को मात देते हुए पूरे जोश के साथ प्रचार में जुटे हुए हैं। वहीं, कॉलेज के छात्र-छात्राएं इनका जोश देखकर काफी प्रभावित हैं। वे न केवल पूरी तरह से सपोर्ट कर रहे हैं, बल्कि उनके लिए प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं।

जो परेशानी मैंने झेली, नहीं चाहती किसी और को हो - सोनाली
महारानी कॉलेज ( Maharani College ) में इन दिनों एक प्रत्याशी अपने कद को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। वह छात्रा है, बीए अंतिम वर्ष की सोनाली कुमावत ( Sonali Kumawat )। सोनाली का हाइट करीब ढाई फुट ही है। छोटे कद की सोनाली अपने प्रचार में दूसरे प्रत्याशियों को मात दे रही हैं। सोनाली ने बताया कि उनका चुनाव नारी शक्ति को समर्पित है। जो परेशानी झेली, वह नहीं चाहती कि कोई और उसी समस्या से परेशान हो। सोनाली ने अपना घोषणा पत्र भी तैयार किया है। उसने बताया कि प्रवेश, परीक्षा और परिणाम तीन मुद्दों पर वह काम करेगी। इन तीनों में ही सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को झेलनी पड़ती है। सोनाली अध्यक्ष पद पर दावेदारी प्रस्तुत कर रही हैं।

दृष्टिबाधित हैं तो क्या पढऩे का अधिकार भी नहीं - खेमराज

राजस्थान कॉलेज ( Rajasthan College ) से अध्यक्ष पद पर नामांकन भरने की तैयारी कर रहे खेमराज मीणा ( Khemraj Meena ) दृष्टिबाधित हैं। उनके सहपाठी हाथ पकड़ कर चुनाव प्रचार करवा रहे हैं। खेमराज अपने साथियों के साथ-साथ हॉस्टल से लेकर पूरे परिसर में दिनभर घूमते दिखाई देते हैं। खेमराज ने बताया कि विवि में सैकड़ों विकलांग छात्र-छात्राएं हैं। मगर उनकी परेशानी कोई नहीं सुनता। दृष्टिबाधितों के लिए न ऑडियो किताब की सुविधा है, न बोर्ड की। क्लास का कोई साथी पढ़ कर सुना देता है तो हम पढ़ लेते हैं। ये परेशानी आगे किसी को नहीं हो, इसीलिए चुनाव में खड़ा हुआ हूं। दृष्टिबाधितों के लिए लाइब्रेरी में ऑडियो बुक मेरी पहली मांग है।