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कड़ी मेहनत और सेल्फ मोटिवेशन से मिलती है सफलता

  आरयू के मानविकी पीठ सभागार में हुआ कार्यक्रम 'मार्गदर्शन 2016 बैच के नवचयनित अधिकारियों से किया स्टूडेंट्स ने सीधा संवाद

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जयपुर

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Nishi Jain

Dec 10, 2019

कड़ी मेहनत और सेल्फ मोटिवेशन से मिलती है सफलता

कड़ी मेहनत और सेल्फ मोटिवेशन से मिलती है सफलता

जयपुर. केवल कड़ी मेहनत और सेल्फ मोटिवेशन के जरिए ही परिणाम में आते हैं। मैंने तीन बार आरएएस परीक्षा उतीर्ण की औरप हर बार अपनी रैंक सुधार करने के प्रयास किए। 2016 बैच के आठवीं रैंक होल्डर प्रभजोत सिंह ने कुछ इसी के विचार राजस्थान यूनिविर्सिटी में हुए कार्यक्रम 'मार्गदर्शन-2019 का। इस कार्यक्रम में राजस्थान प्रशासनिक सेवा के नवचयनित 2016 बैच के अधिकारियों ने स्टूडेंट्स से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत मु य अतिथि राजस्थान यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर आर.के. कोठारी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्र"वलन कर शुरुआत की। इसी कड़ी में आगे आरएएस अविनाश डोटासरा ने कहा कि कोचिंग संस्थानों पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाए स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों की गलतियों से सीखकर हमें आगे बढऩा चाहिए, क्योंकि जब आप इस तरह की लर्निंग में आगे बढ़ते हैं, तो हमें खुद को सीखने को मिलता है। इस तरह की लर्निंग हमें लंबे समय तक बहुत कुछ सीखाने में मदद करती है। इसके बाद आरएएस में नवीं रैंक हासिल करने वाली डॉ. प्रतिभा पूनिया ने स्टूडेंट्स को कहा कि जब भी किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू करें, तो यह सोचकर तैयारी करें कि हमें उसमें प्रथम स्थान हासिल करना है। साथ ही हमें सपोर्टिव और प्रेक्टिकल लोगों के साथ ग्रुप स्टडी भी करनी चाहिए।

सकारात्मक सोच जरूरी
आरएएस मांगीलाल सुथार ने बताया कि सकारात्मक सोच रखने वाले स्टूडेंट्स का सर्किल बनाना चाहिए। साथ ही खुद की सोच भी सकारात्मक बनाना जरूरी है। इसी तरह विवेकानन्द हॉस्टल के पूर्व स्टूडेंटस और आरएएस विजयपाल विश्नोई ने कहा कि स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिची और कॉलेज की चकाचौंध से दूर रहकर स्टडी करना चाहिए। वहीं &7 वीं रैंक होल्डर जीतू कुलहरि ने स्टूडेंट्स से कहा किसी भी विषय को लेकर स्टूडेंट्स को पूर्वाग्रह नहीं रखना चाहिए। कार्यक्रम आरयू के प्रशासनिक सेवा प्रवेश पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एपीटीसी के निदेशक डॉ. महेश शर्मा ने की।